पीसीएफ के राज्य स्तरीय अधिकारी डिप्टी जीएम (फर्टिलाइजर्स) नरेंद्र सिंह ने अमर उजाला के पूछने पर बताया कि 25 टन खाद लेकर गायब हुए ट्रक के मामले में भी वह जांच करेंगे। इसमें दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बीज घोटाले के साथ पीसीएफ के खाद घोटाले का मामला दबता नजर आ रहा था। अमर उजाला के पूछने पर की किसी खाद घोटाले के बारे में भी कोई जांच करा रहे हैं तो पहले तो उन्होंने इस प्रकार के किसी घोटाले की जानकारी से इंकार किया लेकिन जब उन्हें पांच महीने पहले 25 टन डीएपी खाद लेकर गायब हुए पीसीएफ के ट्रक के बारे में स्थिति स्पष्ट करने को कहा तो उप महाप्रबंधक ने इस मामले में जांच कराए जाने को कहा और बोले दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
यहां बता दें कि पांच महीना पहले बरेली से भगवतीपुर गोदाम का चला डीएपी भरा ट्रक रास्ते से गायब हो गया। इसमें कुंवरगांव समिति के सचिव के खिलाफ एफआईआर भी हुई, लेकिन पीसीएफ के जिम्मेदार अधिकारी बचे हुए हैं। उस समय पीसीएफ प्रबंधक एके गुप्ता थे। यहां घोटाले होने के बाद प्रबंधक हटा दिए जाने का सिलसिला चलता रहा है। इससे साफ है घोटालों पर लीपापोती की जा रही है।
हटा गए प्रबंधक नहीं दिया चार्ज, आए आरएम
पीसीएफ के आरएम राजकुमार गुप्ता के साथ बदायूं के जिला प्रबंधक बलवंत सिंह भगवतीपुर गोदाम पर उस समय पहुंचे जब डिप्टी जीएम यहां बीज घोटाले की जांच कर रहे थे। डिप्टी जीएम जांच के लिए उनके कार्यलय में अकेले बैठे थे। जानकारी मिली कि भगवतीपुर गोदाम के भंडार नायक उमेश सिंह को खाद का ट्रक लापता होने के बाद पूर्व प्रबंधक हटा गए थे, लेकिन वह देव प्रकाश को यहां का चार्ज नहीं दे रहे थे। इसलिए आरएम के साथ चार्ज दिलवाने पहुंचे थे। जिला प्रबंधक बलवंत ने पूछा गया तो उन्होंने बात घुमाते हुए कहा कि वह खाद आ रही है, इसलिए व्यवस्था देखने गए थे। बाद में चार्ज के बारे में उनसे पूछा गया तो बोले, उमेश सिंह ने चार्ज तो दे दिया, कुछ रह गया था, उसे भी दिलवा दिया गया है। जिला प्रबंधक बलवंत ने एक बार फिर कहा है कि यह मामला भी उनके समय का नहीं है। भगवतीपुर गोदाम के भंडार नायक को उनसे पहले के जिला प्रबंधक ही हटा गए थे।
बीज घोटाले के बाद फंसी सब्सिडी
बदायूं। शासन किसानों को बीज में लगभग 50 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान करता है। सब्सिडी कृषि विभाग द्वारा दी जाती है। इस संबंध में किसानों की सूचियां जब डीडी एग्रीकल्चर को दी गई, तोे बीज घोटाला उजागर होने के बाद डीडी कृषि अमर नाथ मिश्रा ने इससे इंकार कर दिया है। इससे सब्सिडी फंसकर रह गई है। सब्सिडी ही बीज घोटाले की खास वजह मानी जाती है। किसान नेता राजेश सक्सेना ने कहा है कि इसे बचाने और गेहूं बीज का बाजार मूल्य लेने को ही ऐसा किया गया होगा। उनका कहना है कि किसानों को बीज नहीं मिला और वह इसके लिए आंदोलन करेंगे।