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बावरिया गिरोह की सक्रियता ने नींद उड़ाई

Sun, 21 Jun 2015 08:23 PM IST
Bisuli
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कभी इलियास और हरिगिरि की शरणस्थली रही अरिल नदी की कटरी में अब बावरिया गिरोह की सक्रियता ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। विकास की राह पर चल पड़े कटरी मे स्थित दर्जन भर गांवों में दहशत है।  
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अगर अरिल नदी कटरी के इतिहास के काले पन्नों को देखा जाय तो नामीगिरामी इलियास और हरिगिरि गिरोह की सक्रियता ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया था। पिछले पांच साल पहले पुलिस ने इलियास का एनकाउंटर कर दिया था। इसके बाद कटरी के बेताज बादशाह रहे हरिगिरि को भी पुलिस ने मार गिराया था। कुछ दिनों तक गदम्मा और गुड़िया गिरोह सक्रिय रहा, लेकिन पिछले दो सालों से पूरी कटरी में अमन-चैन की बयार चल पड़ी थी। हां, कुछ दिनों पहले गांव संग्रामपुर के पास एक चंदौसी के सर्राफ से हुई लूट ने जरूर पुलिस को सोचने पर मजबूर कर दिया था।
जैसे ही अरिल नदी से बदमाशों का सफाया हुआ, वैसे ही यहां स्थित गांव में भी विकास की हवा बह चली थी। चाहे गांव कलरावारा रहा हो या सेटाखेड़ा, गांव के युवाओं ने अपनी थोड़ी सी पूंजी लगाकर अपना भविष्य संवारना शुरू कर दिया था। गांव संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर, पपगांव, दबतोरा के युवाओं ने मुंबई की राह पकड़ ली। वहां की कमाई भी गांव में लगने लगी। गांव में बड़ी-बड़ी बिल्डिंग संपन्नता की कहानी कह रही हैं।
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अब बावरिया गिरोह द्वारा गांवों में घटनाओं को अंजाम देने से क्षेत्रवासियों में दहशत है। हर कोई भविष्य को लेकर चिंतित हैं। दहशत का हाल ये है कि रविवार को खेतों में भी कोई दिखाई नहीं दिया। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते गिरोह पर शिकंजा नहीं कसा गया तो रहना मुहाल हो जाएगा।

डीअीईजी ने खुलासे के दिए आदेश
डीआईजी आरकेएस राठौर ने कुलदीप हत्याकांड के खुलासा करने का पुलिस को आदेश दिया। मृतक घर पहुंचे राठौर ने परिवार वालों ने बात की और हत्यारों को शीघ्र पकड़ने का आश्वासन भी दिया। इधर, पुलिस का मानना है कि इस गांव और नगर में हुई व्यापारी की हत्या में एक ही गिरोह का हाथ है। दोनों घटनाओं में बदमाश नेकर-बनियान पहने हुए थे। हत्या करने का स्टाइल भी एक सा था।
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