चार माह में 47 गिरफ्तारियां, 25 वर्कआउट किए
एसएसपी बदायूं का पुलिस का दबंगई दमन दल बरेली जोन के लिए एक मिसाल साबित हो रहा है। अन्य जिले भी इस पहल पर विचार करने को मजबूर हो गए हैं। सिर्फ चार महीने में 25 वर्कआउट के साथ 47 गिरफ्तारियों का रिकार्ड दबंगई दमन दल ने बनाकर खूब वाह-वाही लूटी है। गौर करने वाली बात यह है कि इस दौरान दल की कार्रवाई पर कभी अंगुली नहीं उठी। एसएसपी सुनील सक्सेना की इस पहल को काफी सराहा जा रहा है। दबंगई दमन दल सीधे एसएसपी के निर्देशन में कार्रवाई कर रहा है। एसएएपी कार्रवाई की नियमित मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
एसएसपी सुनील सक्सेना ने चार्ज लेने के बाद छह जून 2016 को दबंगई दमन दल का गठन किया। यह अपने आप में अनूठी पहल थी। एसआई इंद्रेश कुमार को प्रभारी बनाकर दबंगई दमन दल को जरूरी संसाधन मुहैया कराए। इसके गठन का मुख्य मकसद थानों में पुलिस पर बोझ कम करना था। दबंगई दमन दल ने पहली कार्रवाई 14 जून को की। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में बाइक चोर गैंग का पर्दाफाश कर दो ऑटो लिफ्टर दबोच लिए। इसके अगले दिन दल ने एक अन्य मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर सिविल लाइंस पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
एसएसपी सुनील सक्सेना के निर्देशन में काम करते हुए दबंगई दमन दल चार से भी कम महीने में जिले के आठ थाना क्षेत्रों में 47 आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ 25 मामलों के वर्क आउट का रिकार्ड बना चुका है। बिसौली में ट्रैक्टर लूटकांड का मामले का खुलासा भी दबंगई दमन दल ने किया। एक हिस्ट्रीशीटर को भी गिरफ्तार किया गया। दल के निशाने पर सबसे ज्यादा दबंगई करने वाले लोग रहे। इन पर सख्ती से कार्रवाई हुई है।
सबसे ज्यादा 17 गिरफ्तारी सिविल लाइंस में
बदायूं। चार महीने के कार्यकाल में दबंगई दमन दल ने सबसे ज्यादा 17 गिरफ्तारियां सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में कीं। सदर कोतवाली और उझानी में इस दौरान नौ-नौ गिरफ्तारियां की गईं। बिसौली में पांच, उसहैत में तीन, वजीरगंज, उघैती और कादरचौक में दो-दो गिरफ्तारी दबंगई दमन दल ने कीं। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को संबंधित थानों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर इन्हें जेल भेज दिया।
त्वरिक कार्रवाई से बढ़ा पुलिस पर भरोसा
बदायूं। दबंगई दमन दल की त्वरित कार्रवाई से जनता का पुलिस पर भरोसा भी बढ़ा है। कई मामलों में फरियाद सुनने के बाद एसएसपी सीधे दबंगई दमन दल को त्वरित कार्रवाई का आदेश देते हैं। आरोपी की त्वरित गिरफ्तारी से पीड़ित का पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ता है।
बदायूं के पुलिस की यह अच्छी पहल है। मैं खुद प्रभावित हूं। उन्होंने अपने स्तर से दबंगई पर काबू के लिए जो दल बनाया था। उसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। एसएसपी बदायूं से बात करने के बाद रेंज के बाकी जिलों में भी इस तरह के दल का गठन रेंज के अन्य जिलों में करने पर भी विचार किया जा रहा है।
-आशुतोष कुमार, डीआईजी बरेली रेंज