किशोरी से कथित गैंगरेप मामले में फुफेरी बहन की आपत्ति के बाद मंगलवार को किशोरी का तीन डॉक्टरों के पैनल से दोबारा मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसकी रिपोर्ट में क्या आया है, इसका खुलासा तो नहीं हुआ है, मगर सूत्रों के मुताबिक यह दूसरी रिपोर्ट भी पहली से मेल खा रही है, जिसमें अंदर कोई इंजरी न होना बताया गया था। रिपोर्ट लिखाने के दिन आरोपियों की संख्या दो बताने वाली किशोरी ने सोमवार को तीन और मंगलवार को यही संख्या दस बताई है। पूरे प्रकरण में पुलिस उलझ कर रह गई है। पुलिस को अब स्लाइड रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस ने तय किया है कि स्लाइड रिपोर्ट आने और सारे तथ्यों की जानकारी होने के बाद ही हिरासत में लिये गए तीनों युवकों को जेल भेजने पर निर्णय लिया जाएगा।
शहर की एक कॉलोनी में रहने वाली किशोरी ने 27 जून को रिपोर्ट लिखाई थी कि उसके साथ 23 जून को गैंगरेप किया गया। नामजद किए गए दोनों अभियुक्त को पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद रविवार को मेडिकल परीक्षण कराया था। पैनल में शामिल दोनों डॉक्टर हैरत में पड़ गए थे, किशोरी के प्राइवेट पार्ट्स से पॉलीथिन, बोतल का ढक्कन, लकड़ी का टुकड़ा, कपड़ा और माचिस का रैपर निकला था। पैनल में शामिल डॉ. हाकिम सिंह ने गैंगरेप पर संदेह जताते हुए कहा था कि यह प्लांटेड लगता है। डॉक्टर के इस कथन के बाद आपत्ति करते हुए किशोरी की फुफेरी बहन ने दोबारा मेडिकल परीक्षण की मांग की। इस पर मंगलवार को पुरुष जिला अस्पताल के डॉ. राजीव गुप्ता (फिजिशियन) और डॉ. विनेश कुमार (रेडियोलोजिस्ट) के साथ ही महिला जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ओमवती के पैनल ने देर शाम मेडिकल परीक्षण किया। मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को बंद लिफाफे में भेज दी गई है। इस बीच अफसर किशोरी के प्राइवेट पार्ट से निकली चीजों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाने की बात पुलिस अधिकारियों ने कही है।
किशोरी ने मंगलवार को पुलिस के सामने अपने बयान बदलते हुए घटना में दस युवकों के शामिल होने की बात कही है, उसका कहना है कि उनमें से दो ने दुष्कर्म किया। बाकी आठ निगरानी करते रहे थे। मंगलवार को एसपी सिटी ने पीड़िता के साथ घटनास्थल का मुआयना भी किया। वहीं फुफेरी बहन का यह भी आरोप है कि आरोपी पक्ष फैसला करने के लिए धमका रहा है। उधर, पुलिस ने हिरासत में लिए गए तीन में से दो आरोपियों अंकित और शिवम उर्फ संतोष का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया। मामले की प्रारंभिक जांच कर रहे एसओ सिविल लाइंस अजय यादव का कहना है कि हिरासत में लिये गए तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है।