गुरुवार को बिल्सी से बिसौली आ रहे एक ट्रक को पुलिस ने रोक लिया। पुलिस को देखकर चालक ने ट्रक को यदु शुगर मिल की ओर दौड़ा दिया। प्रभारी कोतवाल कश्मीर सिंह ने भी अपनी गाड़ी उसके पीछे लगा दी। पुलिस के पीछा करने पर चालक और ट्रक में बैठे तस्कर जंगल की ओर भाग गए। पुलिस ने जब ट्रक पर बंधे त्रिपाल को खोलकर देखा, तो अंदर प्रतिबंधित पशु भरे हुए थे। पुलिसकर्मियों और गांव वालों ने जैसे तैसे पशुओं को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर वजीरगंज के पशुचिकित्साधिकारी डा. संजीव शुक्ला भी पहुंच गए। स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम तड़प रहे पशुओं के इलाज में लग गई। काफी प्रयास के बाद भी आठ पशुओं को नहीं बचाया जा सका। पुलिस ने जीवित 34 पशुओं को रामपुर की एक गोशाला के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने गोवध और पशु क्रूरता अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। तस्करों की तलाश की जा रही है। इस घटना को लेकर हिंदू संगठनों और भाजपा नेताओं में रोष है।