सगे भाई की संपत्ति हड़पने के चक्कर में हत्या कर देने के आरोपी भाई और उसके एक साथी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। यह घटना कुंवरगांव थाना क्षेत्र में करीब छह साल पहले हुई थी।
कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव यूसुफनगर निवासी राजेश्वर सिंह ने थाने में अपने बेटे विजय सिंह के गुम होने पर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसमें राजेश्वर ने बताया था कि उसका बेटा विजय 15 फरवरी की रात को खेत पर सिंचाई करने रात करीब साढ़े 12 बजे घर से गया था, जो नहीं लौटा। इस मामले में छानबीन करके पुलिस ने एक सप्ताह बाद दो लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें एक तो विजय का भाई दुर्गपाल और दूसरा सतीश शामिल था। पुलिसिया पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया था कि उन लोगों ने विजय की हत्या पकड़े जाने के छह दिन पहले ही कर दी थी। बताया कि दुर्गपाल अपने भाई विजय की संपत्ति हड़पना चाहता था। इसी को लेकर उसने अपने भाई की हत्या कर दी। इस मामले में पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश प्रमोद कुमार पंचम ने सरकारी वकील मिर्जा राशिद बेग और बचाव पक्ष के वकील का पक्ष सुनने के बाद दोनों नामजदों को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माना अदा करने का आदेश भी दिया।