दातागंज इलाके में दो साल पहले एक दलित बालिका से हुए दुष्कर्म के किए गए प्रयास में कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए दस साल की कड़ी कैद के साथ ही उस पर 20 हजार का जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की धनराशि में से 15 हजार पीड़िता को दिए जाने का आदेश भी सुनाया है।
घटना थाना दातागंज क्षेत्र में घटी थी। पांच मई 2014 को क्षेत्र के एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिन में दोपहर करीब दो बजे जब वह खेत पर था तो गांव के कुछ बच्चों ने खबर दी थी कि उसकी नाबालिग पुत्री को गांव का ही जगपाल पुत्र ब्रजपाल ठाकुर ने पकड़कर अपने घर में ले गया है और उसे बंद कर लिया है। उसने मौके पर पहुंचकर जगपाल का घर खुलवाया तो देखा कि उसकी नाबालिग बेटी बिना कपड़ों के खड़ी थी। जब उसने बेटी से पूछा तो उसने सारी हकीकत बता दी।
स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट पंकज कुमार अग्रवाल ने पत्रावली का अवलोकन कर एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद दोषी जगपाल को दस साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। इसमें से 15 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाने का आदेश है।