हादसा वितरोई मोड़ पुलिया पर रविवार सुबह करीब सात बजे हुआ। जयपुर डिपो की रोडवेज बस बरेली के लिए जा रही थी। कार को ओवरटेक करते हुए चालक टैंकर का पुलिया पर ले आया। उस वक्त दोनों वाहनों की रफ्तार भी अधिक थी। आमने-सामने की भिड़ंत में दोनों वाहनों का अगला हिस्सा चकनाचूर हो गया। रोडवेज बस का चालक राजस्थान में भरतपुर निवासी 45 वर्षीय उदयवीर सिंह, परिचालक जयपुर निवासी गोविंद राम शर्मा (55) समेत सात सवारियां भी लहूलुहान हो गईं। टैंकर के चालक और हेल्पर के भी चोट लगी है, लेकिन वह राहगीरों से घिरता देख खिसक गए।
सूचना के बाद कछला चौकी और कोतवाली से पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने मामूली रूप से घायल यात्रियों को दूसरे वाहन से गंतव्य की ओर रवाना कर दिया लेकिन बरेली सिविल लाइंस क्षेत्र निवासी दंपति पंकज खटवानी, उनकी पत्नी नैना और चार साल के मासूम बेटे को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया। चश्मदीद यात्रियों की मानें तो टक्कर होने के बाद बस और टैंकर पुलिया के नीचे गहरी खाई में गिरने से बच गए। नहीं तो जनहानि का भी सामना करना पड़ता। पुलिस ने दोनों वाहनों को क्रेन के जरिए हाईवे से हटवाया। इस दौरान करीब दो घंटा तक आवागमन भी प्रभावित रहा। इधर, रोडवेज बस के घायल परिचालक की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने को कोतवाली में तहरीर दे दी गई है।
...पर अस्पताल में नहीं मिला कोई डॉक्टर
उझानी। हादसे के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की भी कलई खुल गई। एक तो मौके पर एंबुलेंस पहुंचने में ही देर हो गई। घायलों को लेकर एंबुलेंस जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची तो इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर नदारद था। फार्मेसिस्ट शिवम रस्तोगी ने डॉक्टर के लिए कॉल भी की लेकिन वह नहीं आया। फार्मेसिस्ट के जरिए ही घायलों की मरहम-पट्टी की गई। घायल नैना खटवानी ने इस पर गुस्सा भी जताया। शिकायत करने के लिए उसने सीएमओ का नंबर भी मांगा लेकिन नंबर उसे मुहैया नहीं कराया गया।