ब्लूमिंगडेल स्कूल का मामला, आरोपी को जेल भेजा गया
कोतवाली क्षेत्र के ब्लूमिंगडेल स्कूल में पांच साल की बच्ची से छेड़छाड़ करने वाले स्वीपर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उसने बच्ची को क्लास में अकेला पाकर अश्लील हरकत की थी। बच्ची ने यह बात अपने घर पर बताई, जिसके बाद मामला स्कूल से होते हुए थाने तक पहुंचा।
मासूम शहर के प्रतिष्ठित परिवार की बेटी है। वह ब्लूमिंगडेल स्कूल में कक्षा एक की छात्रा है। तहरीर के मुताबिक दो दिसंबर को बच्ची क्लास में अकेली थी। स्कूल का 50 वर्षीय स्वीपर रमेश उसके पास पहुंचा। उसने बच्ची से छेड़छाड़ करते हुए अश्लील हरकत की। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। बच्ची ने घर पहुंच कर अपनी मां को इस बारे में बताया। अगले दिन बच्ची के माता-पिता स्कूल पहुंचे। यहां उनकी प्रबंधक और प्रधानाचार्य से बात नहीं हो सकी। सोमवार को माता-पिता ने इस बारे में स्कूल प्रबंधन को बताया। प्रबंधन ने सीसी टीवी फुटेज देखकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। आरोप है कि बाद में स्कूल प्रबंधन मामले में टालमटोल करता रहा। कोई कार्रवाई न होने की स्थिति में सोमवार को बच्ची की मां ने स्वीपर रमेश के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दे दी। पुलिस ने छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी और पाक्सो एक्ट की धाराओं में उसे स्कूल परिसर से ही दबोच लिया। मंगलवार को उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि रमेश कई और बच्चियों से भी अश्लील हरकतें कर चुका है।
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छात्राओं की क्लिप का मामला भी आ चुका सामने
बदायूं। ब्लूमिंगडेल स्कूल पर बदनामी के दाग पहले भी लगे हैं। पिछले साल स्कूल के एक छात्र ने छात्राओं की अश्लील वीडियो क्लिप बना ली थी। उझानी की एक छात्रा के पिता ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में एक छात्र समेत दो लोगों को जेल भेजा गया था। इससे पहले स्कूल में छात्राओं को अश्लील मैसेज भेजे जाने का मामला भी सामने आ चुका है। वहीं, एमएमएस बनाकर कक्षा नौ की छात्रा को ब्लैकमेल करने का मामला भी पिछले साल सामने आ चुका है। ताजा मामले में अब स्कूल के स्वीपर की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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आरोपी को हो सकती है सात साल तक की सजा
बदायूं। बच्ची से छेड़छाड़ के आरोपी रमेश के खिलाफ पुलिस ने 354बी, 506 और 7/8 पाक्सो एक्ट की कार्रवाई की है। धारा 354बी छेड़छाड़, कपड़े उतारना या फाड़ने पर लगाई जाने वाली आईपीसी की धारा है। इसके लिए सात साल तक की सजा का प्रावधान है। इसी तरह धारा 506 जान से मारने की धमकी देने पर लगाई जाती है। इस धारा के तहत दोष सिद्ध होने पर दो साल तक की सजा हो सकती है। धारा 7/8 पाक्सो एक्ट में दोष सिद्ध होने पर पांच से सात साल तक की सजा का प्रावधान है। रमेश पर यह तीनों धाराएं लगाई गई हैं। गौर करने वाली बात यह है कि न्यायिक व्यवस्था में सभी सजाएं साथ-साथ चलती हैं। ऐसे में दोषी सिद्ध होने पर बच्ची से छेड़छाड़ के आरोपी रमेश को सात साल तक जेल में रहना पड़ सकता है।
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मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी की स्कूल परिसर से गिरफ्तारी की गई है। उसके खिलाफ पाक्सो एक्ट की कार्रवाई भी की गई है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
-अनिल कुमार यादव, एसपी सिटी
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कर्मचारी ने जो हरकत की है, उसके खिलाफ स्कूल भी कार्रवाई के पक्ष में है। स्कूल प्रबंधन पीड़ित परिवार के साथ पूरी तरह से है। बच्ची के माता-पिता आए थे, तो हमने सीसीटीवी कैमरे के जरिए पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर कार्रवाई करने की बात कही थी। टालमटोल का कोई मतलब ही नहीं है।
-ज्योति मेहंदीरत्ता, निदेशक