सपा सदर विधायक वीर सिंह पटेल और विद्युत विभाग के एसडीओ के बीच हुई मारपीट का मामला दिनभर सुर्खियों में बना रहा। सुबह ही कोतवाली पुलिस ने विधायक पक्ष की ओर के तीन आरोपियों को पकड़कर पूछताछ की।
बाद में पूर्व प्रतिनिधि को गिरफ्तार कर बाकी दो को छोड़ दिया। वहीं विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी विधायक व शासकीय अधिवक्ता की गिरफ्तारी की जिद पर अडे़ रहे और कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठे। पुलिस ने विभागीय अधिकारियों को कोतवाली में बुलाकर बातचीत की आखिर में कोई नतीजा नहीं निकला। विभागीय अधिकारियों ने कार्य बहिष्कार जारी रखने का निर्णय लिया।
मंगलवार को सदर विधायक वीर सिंह पटेल के डीएम-एसपी से मिलने के बाद सुबह ही कोतवाली पुलिस ने विधायक के पूर्व प्रतिनिधि (रिपोर्ट में नामजद) संतराम पटेल समेत श्यामसुंदर व जुगनू को पकड़ लिया। दो घंटे तक पूछताछ हुई।
इस बीच विवेचक राजेश तिवारी व कोतवाल सत्यपाल सिंह ने विद्युत विभाग के एसडीओ समेत घटना के समय मौजूद लोगों को भी कोतवाली बुलाकर तीनों की पहचान कराई। जिसमें विभागीय कर्मचारियों ने संतराम के अलावा दोनों के बारे में बताया कि घटना के समय नहीं थे।
जिस पर पुलिस ने संतलाल को गिरफ्तार कर अन्य दो को छोड़ दिया। कोतवाली में विभाग के अधिशाषी अभियंता राजमणि विश्वकर्मा के साथ एसडीओ आशीष कुमार, लिपिक एहसान, कर्मचारी संघ के प्रांतीय मंत्री रामलाल पाल के साथ दो घंटे तक पुलिस अधिकारियों की बैठक चली।
जिसमें कार्य बहिष्कार समाप्त करने को कहा गया। कोतवाल ने कहा कि जब विधायक पक्ष से एक की गिरफ्तारी हो गई है और बाकी कार्रवाई चल रही है तो कार्य बहिष्कार नहीं होना चाहिए।
जिससेे पूरे जिले का आम जनमानस प्रभावित हो रहा है। काफी देर बाद तक विभागीय अधिकारी नहीं माने और विधायक वीर सिंह पटेल और शासकीय अधिवक्ता अशोक गुप्ता की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कार्य बहिष्कार जारी रखने की बात कही।