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परिजनों ने कहा-नदी में मिला कंकाल धीरज का

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उझानी (बदायूं)। करीब छह महीने पहले लापता देहाती वीडियो कैसेट कलाकार धीरज यादव की गुमशुदगी में मंगलवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब किसी चरवाहे ने कछला रेलवे स्टेशन के पास नदी में एक कंकाल को उतारते देखा। भनक लगते ही धीरज के घरवाले मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस के पहुंचने से पहले ही कंकाल को बाहर निकाल लिया। पिता और भाई की माने तो कंकाल धीरज का ही है। पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने को भेज दिया है लेकिन हड्डियां कलाकार की हैं, इसके लिए पुलिस उसके माता-पिता का डीएनए टेस्ट करवाएगी।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव सांवती नगला निवासी कलाकार धीरज यादव (25) पुत्र दीप सिंह 23 सितंबर-18 से लापता है। मंगलवार सुबह घरवालों को जब यह पता लगा कि नदी में एक नरकंकाल पड़ा है तो ग्रामीणों को साथ लेकर मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों की मदद से परिजनों ने कंकाल को बाहर निकाल लिया। हड्डियां पूरे शरीर थीं लेकिन उनके ऊपर से त्वचा और मांस गायब था। सिर्फ कलाई पर बंधे कलावे के आधार पर पहचान की गई। यही नहीं नदी में नर कंकाल उसी स्थान के पास मिला है, जहां करीब चार महीने पहले धीरज के कपड़े पड़े मिले थे। तत्कालीन कछला चौकी इंचार्ज जितेंद्र गौतम ने गोताखोरों को बुलाकर उस समय नदी में खोजबीन भी कराई थी लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया था। पिता दीप सिंह और भाई करन सिंह ने बताया कि जो कंकाल मिला है, वह धीरज का है। कंकाल की लंबाई और चौड़ाई भी इसी ओर इशारा कर रही है। कंकाल मिलने के बाद रोते-बिलखते परिजनों ने आरोपियों के नाम भी उजागर कर दिए। उनकी माने तो धीरज की हत्या तो चार महीना पहले ही कर दी गई थी। पुलिस ने कंकाल कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के लिए भेज दिया है। वह धीरज का ही है या फिर किसी और की हड्डियां हैं, इसका पता लगाने के लिए पुलिस जल्द ही डीएनए टेस्ट कराने की कार्रवाई शुरू करेगी। उसके माता-पिता के ब्लड का सैंपल भी लिया जाएगा।

घरवालों को एक युवती की भूमिका पर भी शक
धीरज यादव देहाती वीडियो कैसेट बनाने के दौरान कई और कलाकारों के संपर्क में भी रहा। भाई करन सिंह ने बताया कि दो युवतियां भी उसकी साथी थीं। उनमें एक पर शक हुआ तो उसका नाम पुलिस को बताया दिया गया था। उसी युवती ने कई ऐसी बातें पुलिस को बताईं जो दहेमू गांव के एक युवक का हाथ होने का संकेत देती हैं। पुलिस ने युवक से सख्ती से पूछताछ नहीं की, इसकी शिकायत करन सिंह पुलिस अफसरों से भी कर चुका है। जन सुनवाई पोर्टल पर भी उसने शिकायत की थी।
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नरकंकाल को देख अभी कुछ साफ नहीं कहा जा सकता। धीरज के घरवाले तो यही दावा कर रहे हैं कि कंकाल उसी का है। डीएनए टेस्ट कराने के लिए सीएमओ कार्यालय से संपर्क साधा गया है। उसकी गुमशुदगी के मामले की तहकीकात भी चल रही है।
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- विनोद कुमार चाहर, प्रभारी निरीक्षक
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