बदायूं। जगत ब्लाक के गांव अहोरामई के सचिव सुमित गुप्ता ने अधिकारियों को गुमराह करते हुए मनमाने तरीके से कोटे का प्रस्ताव कर दिया। इसकी जानकारी होने पर डीएम ने विभागीय जांच कराई। दोषी पाए जाने पर ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया। साथ ही एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
डीएम दिनेश कुमार सिंह ने निर्देश दिए थे कि जिले में विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्त चल रही उचित दर की दुकानों पर नियमानुसार 18, 19 और 20 दिसंबर को प्रस्ताव संबंधी कार्रवाई की जाए। नोडल अधिकारी, पर्यवेक्षक अधिकारी नामित किए थे, जो संबंधित ब्लॉक में रिक्त चल रही दुकानों का प्रस्ताव कराएंगे। इसे लेकर 18 दिसंबर को ब्लाक जगत की ग्राम पंचायत अहोरामई में पर्यवेक्षक अधिकारी बने रामनिवास शर्मा, सहायक विकास अधिकारी पवन कुमार, सचिव सुमित गुप्ता की मौजूदगी में कोटे का प्रस्ताव हुआ। सचिव सुमित गुप्ता ने बीडीओ को इसकी रिपोर्ट भेजी। इसमें कहा कि मौके पर पवन कुमार कोटेदार के पद पर खड़े हुए हैं। इस पर ग्रामीणों में आपसी सहमति नहीं बन पाई। इस वजह से पवन कुमार का प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया। वहीं शिकायत आने पर डीएम ने इसकी जांच कराई तो वीडियोग्राफी में ग्रामीणों ने पवन कुमार के नाम पर सहमति दी थी। उसके बाद पवन कुमार को प्रस्ताव कर, ग्रामीणों के सामने घोषणा कर दी गई। इस पर सभी लोग सहमत थे। डीएम ने इसको धोखाधड़ी का मामला पाते हुए तुरंत ही ग्राम पंचायत अधिकारी सुमित गुप्ता को निलंबित कर दिया। वहीं उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।