बदायूं। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय नगमा खान ने एक झोलाछाप समेत तीन को अदालत में 12 जून को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है।
थाना हजरतपुर के गांव लभारी निवासी मंजू पत्नी नीरज ने कोर्ट में 156/3 के तहत परिवाद दायर किया था। आरोप था कि उसके पुत्र अंशु (11) की तबीयत खराब थी। उसको पेट दर्द की शिकायत की वजह से वह अपने पुत्र को इलाज के लिए हजरतपुर ले जा रही थी। इसी बीच गांव के झोलाछाप थाना अलापुर के कटिया निवासी जयप्रकाश ने उसे रोक लिया और बच्चे के इलाज की बात कही। उसका विश्वास कर वह जयप्रकाश की दुकान पर रुक गई। झोलाछाप ने उसके पुत्र को एक इंजेक्शन लगाया, जिसके करीब आधे घंटे में उसके पुत्र ने दम तोड़ दिया। उसने पुलिस के आला अफसरों से रिपोर्ट लिखने की गुहार लगाई, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नही हुई। तब उसने न्यायालय की शरण ली और जयप्रकाश समेत गांव के हरिओम व उसके पिता बच्चू को तलब करने का प्रार्थना पत्र कोर्ट में दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट नगमा खान ने जयप्रकाश को लापरवाही से मृत्यु कारित करने और बच्चू व हरिओम को चोट पहुंचाने के मामले में तलब करने का आदेश दिया है। मामले की सुनवाई को 12 जून की तारीख तय की गई है।