उझानी (बदायूं)। शुक्रवार रात छह साल के मासूम बालक को किसी सिरफिरे ने हैवानियत का शिकार बना लिया। वह घर से खेलने की बात कहकर निकला था। उसके साथ पहले कुकर्म किया गया और फिर उसी के नेकर से गला कसकर हत्या कर दी गई। शव मिलने की सूचना के बाद एसपी सिटी के साथ पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे। मृतक के घरवालों से जानकारी हासिल करने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ कुकर्म और हत्या का मामला दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया है।
अप्राकृतिक कृत्य और हत्या की यह घटना कोतवाली क्षेत्र के गांव फतेहपुर की है। शुक्रवार शाम पांच बजे गांव के रामसेवक मौर्य का छह वर्षीय बेटा हिमांशु घर से खेलने की बात कहकर निकला था। देर शाम तक घर नहीं लौटा तो परिवारीजनों ने खोजबीन शुरू कर दी। देर रात हिमांशु की लाश गांव के सत्यपाल के खेत में लगे पूलों के ढेर में मिली। उसके नाजुक अंगों से खून बह रहा था। गले में उसी के अंडरवियर का फंदा और चेहरे पर चोटों के निशान थे। लाश को देखते ही किसी ने यह कहा कि हिमांशु के शरीर में सांस है तो घरवाले उसे उठाकर सीएचसी पर ले आए लेकिन डॉक्टर ने देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया।
शनिवार तड़के घरवालों की सूचना के बाद उझानी पुलिस मौके पर पहुंची। प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार शर्मा ने मृतक के घरवालों से बात कर घटना की जानकारी की। हिमांशु उझानी के स्वामी मिथलेश मेमोरियल स्कूल में कक्षा-एक का छात्र था। एसपी सिटी कमल किशोर फतेहपुर पहुंचे। खेत मालिक से भी बात की। पुलिस ने मृतक के चाचा धर्मवीर की तहरीर पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ अप्राकृतिक कृत्य और हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। उधर, हिमांशु की हत्या के बाद से फतेहपुर में पूरे दिन दहशत का माहौल रहा। पुलिस भी वहशी कातिल की तलाश में जुटी रही।
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बाजरा के पूलों में दब गईं मासूम हिमांशु की चीखें
उझानी (बदायूं)। मासूम हिमांशु के साथ जिस तरह वहशीपन किया गया, लाजिमी है कि वह दरिंदे से बचने के लिए चीखा जरूर होगा लेकिन बाजरा के पूलों के ढेर में उसकी चीखें दबकर रह गईं। पूलों के आसपास भी ग्रामीणों को ऐसे निशान मिले जो दरिंदे की हैवानियत को बयां कर रहे थे।
फतेहपुर ही नहीं बल्कि आसपास पूरे इलाके को झकझोर देने वाली इस घटना को लेकर शनिवार को पूरे दिन गहमागहमी का माहौल रहा। ज्यादातर ग्रामीण सुबह भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्हें बाजरा के पूलों के पास खेत में घसीटे जाने के निशान नजर आए। हालांकि ग्रामीणों की चहलकदमी बढ़ जाने से पदचिह्न मिट गए। मृतक के चाचा धर्मवीर की माने तो हिमांशु के साथ कुकर्म और उसकी हत्या पूलों की आड़ में ही गई है। बाजरा के पूले ज्यादा पुराने भी नहीं हैं जो ढेर को कोई जानवर तितरबितर कर जाता। ऐसा भी नहीं कि कुकर्म के दौरान हिमांशु चीखा-चिल्लाया नहीं हो। उसकी चीखें तो पूलों के बीच ही दबकर रह गईं। चर्चा है कि दरिंदे को मासूम ने पहचान लिया। हिमांशु भेद न खोल दे, इसीलिए उसकी हत्या कर दी गई।
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भाई-बहनों में सबसे बड़ा था हिमांशु
उझानी। हिमांशु अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। पिता रामसेवक दिल्ली में मजदूरी करते हैं। घटना वाले दिन वह दिल्ली में ही थे। शुक्रवार रात नौ बजे भाई धर्मवीर ने घटना के बारे में बताया तो वह काम छोड़कर चल पड़े। घर में बेटे का शव देख वह गश खाकर गिर पड़े। बताया कि हिमांशु को पढ़ा-लिखाकर अफसर बनाना चाहते थे। हिमांशु के बाद परिवार में तीन साल की बेटी अंशू और डेढ़ साल का एक बेटा है।
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वर्जन
कुकर्म के बाद हिमांशु की हत्या करने वाले का जल्द ही पता लगा लिया जाएगा। इसके लिए हल्का इंचार्ज के नेतृत्व में एक टीम लगाई गई है। घरवालों ने किसी पर भी शक नहीं जताया है।- राजीव कुमार शर्मा, प्रभारी निरीक्षक, उझानी