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झाड़ियों और लकड़ियों को जलाकर आग में कूद गया युवक, मौत

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बदायूं/ इस्लामनगर। इस्लामनगर कस्बे के नजदीक सोमवार को एक युवक ने झाड़ियों और लकड़ियों को एकत्र करके पहले जलाया और फिर उसमें कूदकर आत्मदाह कर लिया। युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस और ग्रामीणों का कहना है कि उसने गृह क्लेश के चलते यह कदम उठाया। देर शाम तक इस संबंध में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी।
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करीब 38 वर्षीय उदय सिंह उर्फ मोनू पुत्र वीरेंद्र सिंह इस्लामनगर कस्बे में झाजनराय मोहल्ला निवासी था। वह प्राथमिक स्कूल सुराही में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था। स्थानीय लोगों के मुताबिक सोमवार सुबह उदय शराब पीकर आया था। नशे की हालत में उसने पत्नी संगम से गाली-गलौज की और दो-चार थप्पड़ भी मारे। उसके बाद घर से बाइक लेकर निकल गया। काफी देर तक कस्बे की गलियों में घूमता रहा। बाद में महरोला रोड पर गैस एजेंसी के नजदीक बाइक खड़ी करके उदय ने कुछ लकड़ियां और झाड़ियां बटोरीं। उनको इकट्ठा कर केरोसिन डाला और खुद पर भी केरोसिन उड़ेल लिया। फिर लकड़ियों में आग लगाकर उसके बीच में कूद गया। कुछ देर में उसकी जलकर मौत हो गई। कुछ देर बाद उधर से गुजर रहे लोगों ने धुआं उठता देखा तो वे नजदीक पहुंचे और लाश देखकर पुलिस को सूचना दी। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। युवक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

युवक ने गृह क्लेश के चलते आत्मदाह किया है। कुछ लोगों ने उसे शराब के नशे में कस्बे में घूमते देखा था। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जो रिपोर्ट आएगी या तहरीर मिलेगी, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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-सुधाकर सिंह, एसओ इस्लामनगर

पारिवारिक विवाद में गई युवक की जान
पांच साल पहले हुआ था दूसरा विवाह, दो बच्चों का था पिता
इस्लामनगर (बदायूं)। लकड़ियों और झाड़ियों में आग जलाकर आत्मदाह करने वाले युवक का परिवार में आए दिन विवाद होता था। पत्नी के साथ गाली-गलौज करता था। कभी-कभी मारपीट भी कर देता था। इससे पत्नी उससे नाराज रहती थी।
नगर के झाजनराय मोहल्ला निवासी उदय सिंह का करीब पांच साल पहले संगम के साथ विवाह हुआ था। इससे पूर्व उदय की शादी मंजू के साथ हुई थी, जिसकी बीमारी के चलते करीब छह साल पहले मौत हो गई। मंजू का दस वर्षीय बेटा कार्तिक है। मंजू की मौत के दौरान कार्तिक छोटा था। उसका पालन पोषण हो सके, इससे उसने संगम से विवाह कर लिया। संगम का चार वर्षीय बेटा गणेश है। लोगों की माने तो उदय और संगम का आए दिन विवाद होता रहता था। रोजाना किसी न किसी बात पर बहस होती, इससे दोनों के बीच खटास आ गई थी। दोनों एक-दूसरे से खफा रहते थे। घर में और कोई सदस्य नहीं था। उदय के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। उदय इकलौता था। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। इससे कोई दोनों में समझौता भी नहीं करा सका, जिसके परिणाम और खौफनाक निकले। आखिर में उदय ने आत्मदाह करके जान दे दी। इससे उदय का परिवार सड़क पर आ गया है।

मृतक आश्रित पर मिली थी नौकरी
स्थानीय लोगों की माने तो उदय सिंह के पिता वीरेंद्र सिंह प्राथमिक स्कूल में शिक्षक थे। करीब 15 साल पूर्व उनकी मौत हो गई थी। उनके स्थान पर मृतक आश्रित कोटे से उदय सिंह को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी मिल गई थी। इसके अलावा उसके घर में कोई कमाई का जरिया नहीं था।
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