पूर्व राज्यमंत्री आबिद रजा का मैरिज हॉल टूटेगा
सोत नदी किनारे अवैध पाया निर्माण, एक महीने की मोहलत
भाजपा के शहर विधायक महेश गुप्ता की पैरवी पर हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। शहर से सटकर बह रही सोत नदी किनारे हुए कब्जों के मामले में अब प्रशासन ने जोरदार एक्शन लिया है। पूर्व दर्जा राज्यमंत्री आबिद रजा और उनकी पत्नी फात्मा रजा के स्वामित्व वाला निर्माणाधीन मैरिज हॉल तोड़ा जाएगा। प्रशासनिक टीम ने सभी पक्षों को सुनने के बाद निर्माण को अवैध घोषित कर खामोशी से पिछले दिनों नोटिस भी रिसीव करा दिया। चुनाव निपटते ही भाजपा के शहर विधायक महेश गुप्ता ने इसे सार्वजनिक कर दिया। महेश गुप्ता की पैरवी और सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह की खास दिलचस्पी की वजह से ये कार्रवाई संभव हो सकी है।
विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने रविवार को बताया कि विनियमित क्षेत्र के नियत प्राधिकारी बतौर सिटी मजिस्ट्रेट राजकुमार द्विवेदी के उस आदेश का हवाला दिया, जिसे 24 नवंबर को जारी किया गया है। इसमें आबिद रजा और उनकी पत्नी फात्मा रजा को एक महीने का समय दिया गया है। कहा गया है कि वह 24 दिसंबर तक अपना निर्माण खुद हटा लें, वर्ना उसे ध्वस्त किया जाएगा। इसका खर्च भी उन्हीं से वसूला जाएगा। बताया कि खसरा नंबर 2328, 2329, 2330, 2332, 2341, 2342, 2343 और 2347 को लेकर प्रशासनिक टीम ने सुनवाई की। इसमें आबिद रजा और उनकी पत्नी यह साबित नहीं कर सके कि मैरिज लॉन वैध है। सुनवाई के दौरान इसके निर्माण पर रोक लगा दी गई थी। आदेश में उल्लेख है कि निर्माण नदी के बाढ़ क्षेत्र में है और महायोजना में अड़ंगा बना हुआ है। उनका कहना था कि भूमाफिया और नदी कब्जाने वालों के खिलाफ योगी सरकार ने बड़ा अभियान छेड़ रखा है। यह कार्रवाई भी उसी का हिस्सा है। जिले के दौरे पर आए सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह से भी जनता ने कब्जे की शिकायत की थी, तब उन्होंने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया था। कार्रवाई के बारे में पूछने पर सपा सरकार में वक्फ निगम के अध्यक्ष और दर्जा राज्यमंत्री रहे आबिद रजा ने इसे सत्ता के इशारे पर विरोधियों को फंसाने का कुचक्र बताया। कहा कि अधिकारियों पर दबाव बनाकर गलत आदेश जारी कराया गया है। जब वह सत्ता में थे तो किसी विपक्षी पर गलत कार्रवाई नहीं कराई थी। अब लगता है कि यह उनकी भूल थी। सपा सरकार आएगी तो वह अपनी इस भूल का सुधार करेंगे। भाजपा नेता खासतौर पर यह याद रखें।