तीन करोड़ के खाद घोटाले
की जांच को एसआईटी गठित
बदायूं। तीन करोड़ के खाद घोटाले के मामले की जांच को एसएसपी अशोक कुमार ने एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टीगेटिंग टीम) गठित की है। इसकी मॉनीटरिंग एसपी सिटी करेंगे। अलापुर और सिविल लाइंस इंस्पेक्टर इस मामले की जांच करेंगे। दोनों मामलों के विवेचक भी इसमें शामिल किए गए हैं। एक विवेचक की जांच के दौरान गायब हुए 968 में से 442 कट्टों का मिलान रिकॉर्ड से हो गया है, लेकिन 526 कट्टे और बाकी तीन करोड़ की खाद कहां गई, अभी इसका पता नहीं चला है।
आंवला इफको फैक्ट्री से बदायूं आते समय रास्ते से गायब हुई तीन करोड़ की खाद अब विभागीय अधिकारियों के लिए गले की हड्डी बन गई है। एक तरफ पुलिस प्रशासन उन पर शिकंजा कसता जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर घोटालेेबाज अधिकारी बचते फिर रहे हैं। इस मामले में पहली एफआईआर पीसीएफ गोदाम के तीन चौकीदारों के खिलाफ दर्ज हुई थी, जिसकी जांच एसआई शमीम हैदर पर है, जबकि दूसरी एफआईआर में गोदाम प्रभारी, तत्कालीन अधिकारी और परिवहन ठेकेदार नामजद हुए थे। उसकी जांच एसएसआई अरविंद कुमार कर रहे हैं। अब एसएसपी ने शुक्रवार को एसआईटी को गठित कर दिया। इस टीम में इंस्पेक्टर अलापुर मनीराम सिंह, सिविल लाइंस इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिरोही, एसएसआई अरविंद कुमार और एसआई शमीम हैदर शामिल किए गए हैं। यह टीम एसपी सिटी जितेंद्र कुमार के निर्देशन में जांच करेगी। एसपी सिटी पूरे मामले की मॉनीटरिंग करेंगे।
इधर, चौकीदारों के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जांच में एसआई शमीम हैदर ने पीसीएफ गोदाम जाकर कागजात चेक किए। उन्होंने अभिलेखों और खाद का मिलान किया। पहली एफआईआर में कुल 968 कट्टे खाद गायब बताए गए थे। कागजों के मिलान के दौरान 442 कट्टे ठीक पाए गए, जबकि इसमें 526 कट्टों का अभी मिलान नहीं हो सकी है। इसकी जांच में पुलिस टीमें लगी हैं।
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गठित की गई टीम में मैं और सिविल लाइंस इंस्पेक्टर हैं। आज हम सिविल लाइंस थाने गए थे। अभी जांच शुरू नहीं कर पाए हैं। शनिवार से इसकी जांच होगी।
-मनीराम सिंह, इंस्पेक्टर अलापुर हमारे पास एक मामला है। उसकी हम जांच कर रहे हैं। कागजों के मिलान में 442 कट्टे सही पाए गए हैं। बाकी अभी जांच चल रही है। हो सकता है कागजों की और जांच हो तो कट्टे सही पाए जाएं। जो आरोपी हैं, उनके बयान अभी नहीं हो पाए हैं, इसकी तैयारी में जुटे हैं।
-शमीम हैदर, विवेचक थाना सिविल लाइंस