पहले बनाई वीडियो, फिर दिया रंगदारी भरा पर्चा
शनिवार रात कार सवारों ने बनाई हॉस्पिटल की वीडियो, पीछा करने पर भागे
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। सरकार हॉस्पिटल के भवन स्वामी से मांगी गई एक करोड़ की रंगदारी के मामले में अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि वीडियो बनाने वाले लगातार आ रहे हैं। शनिवार रात भी कुछ लोग कार से आए थे। उन्होंने वीडियो बनाई, बाद में पीछा करने पर वह फरार हो गए। सुबह अस्पताल के आस-पास दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए।
यह लोग कौन हैं, फिलहाल इसका अभी कुछ पता नहीं चल सका है। इसकी जांच सिविल लाइंस थाना पुलिस कर रही है। यह हॉस्पिटल भी खेड़ा नवादा में दास पेट्रोल पंप के नजदीक सड़क से लगा हुआ है। सरकार हॉस्पिटल के डायरेक्टर मोहम्मद आरिफ गाजी के मुताबिक वह बरेली के रहने वाले हैं। जिस डॉक्टर को रंगदारी भरा पर्चा दिया गया था। वह भी डॉ. विवेक कुमार बरेली कैंट निवासी हैं। शनिवार दोपहर करीब एक बजे की बात है। उस समय डॉ. विवेक कुमार एक वार्ड में मरीजों को देख रहे थे। उसमें सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। उस दौरान दो युवक अस्पताल पहुंचे। पहले वह अस्पताल में घुसकर अपने मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। उनके साथ एक युवक था, जो काली शर्ट पहने हुए थे। वीडियो बनाने वाले बाहर निकल गए तो उसने डॉक्टर को रंगदारी भरा पत्र एक लिफाफे में रखकर दिया और बोला कि यह पत्र बिल्डिंग स्वामी मुस्लिम अली तक पहुंचा दें। उसके बाद वह युवक तुरंत निकल गया। लिफाफा खुला हुआ था, डॉक्टर ने जैसे ही उसे पड़ा कि वह हैरान रह गए। इसके बाद युवक को तलाश किया गया लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। आरिफ गाजी ने बताया कि शनिवार रात करीब 12 बजे कुछ कार सवार लोग आए। उन्होंने कार में बैठे-बैठे हॉस्पिटल की वीडियो बनाई। उस समय दो एक तीमारदार बाहर बैठे थे। कार सवारों की हरकत देखकर उसने इस बारे में डॉक्टर से बात की। जैसे ही लोग बाहर निकलकर आए कि कार सवार शहर के अंदर की ओर गाड़ी दौड़ा ले गए। रविवार सुबह भी दो युवक हॉस्पिटल के आस-पास घूमते देखे गए। यह लोग कौन हैं, वीडियो क्यों बना रहे हैं, अभी इसका कुछ पता नहीं चल सका है। फिलहाल इस मामले को लेकर अस्पताल स्टाफ और भवन स्वामी तक दहशत में हैं।
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मैं काश्तकार, मेरे पास कहां से आए एक करोड़
बदायूं। सरकार हॉस्पिटल भवन स्वामी मुस्लिम अली पुत्र हशमत अली बिनावर थाना क्षेत्र के ग्राम वाकरपुर खरैर के रहने वाले हैं। वैसे तो वह काश्तकार हैं। यहां बिल्डिंग बनवा ली थी। निचला हिस्सा उन्होंने 25 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से किराए पर दे रखा है। मुस्लिम अली के मुताबिक उनकी किसी से रंजिश भी नहीं है। पहले कभी ऐसा नहीं हुआ, यह लोग कौन हैं, उनसे क्या मतलब है, उनसे रंगदारी क्यों मांगी जा रही है वह नहीं जानते। उन्होंने कहा कि वह कोई बिजनेसमैन नहीं हैं। वह तो एक काश्तकार हैं, खेतीबाड़ी करते हैं। ऐसे में उनके पास एक करोड़ रुपये कहां से आए। इस संबंध में पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि वह किसी न किसी नतीजे पर जरूर पहुंचेंगे।
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अंडर वर्ल्ड गैंग के नाम से मांगी गई रंगदारी
-सरकार हॉस्पिटल के भवन स्वामी के पास जो लेटर आया है, उसके ऊपर अंग्रेजी में अंडर वर्ल्ड गैंग लिखा है। उसके ऊपर हिंदी में लाल पेन से मुस्लिम गाजी लिखा है। बाकी नीचे लिखा है कि मुस्लिम नवद तुझे बड़े प्यार के साथ सूचित किया जाता है कि तू अपने घर का इकलौता चिराग है। गैंग की नजर तेरे सारे कामों तक पहुंच चुकी है। अब होशियारी और हमारी बात को फैलाने की भूल मत करना, वरना जुर्म करना और जान लेना हमें विरासत में मिला है। इन सब बातों से बचना है तो गैंग को एक करोड़ रुपये देना होगा। पहुंचाना कहां है फोन पर बताएंगे। यह सब कैपिटल लैटर में लिखा है।
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हॉस्पिटल डायरेक्टर से जुड़ा हो सकता है मामला
-सरकार हॉस्पिटल के भवन स्वामी मुस्लिम अली अपने नाम में अली जोड़ते हैं। जबकि पत्र पर मुस्लिम के आगे गाजी लिखा है। अपने नाम के आगे गाजी हॉस्पिटल के डायरेक्टर मोहम्मद आरिफ गाजी लगाते हैं। यह बात तो तय है कि जिसने भी पत्र लिखा, वह भवन स्वामी के नाम से भलीभांति परिचित नहीं होगा। भवन स्वामी और डायरेक्टर आपस में रिश्तेदार हैं, इसके आधार पर मुस्लिम के आगे गाजी लिखा होगा। इससे माना जा रहा है कि यह मामला डायरेक्टर से जुड़ा हो सकता है। परंतु यह पत्र भवन स्वामी को क्यों दिया गया, यह जांच का विषय है।
---डॉक्टर से बात---
उस समय मैं अपने केबिन में बैठा था और मरीजों को देख रहा था। तभी एक युवक आया और बोला यह लेटर रख। इसे पढ़ और ज्यादा बोलने की हिम्मत न करना। नहीं तुझे भी जान से मार देंगे, यह लेटर मुस्लिम अली तक पहुंचा देना। इतना कहते हुए फरार हो गया। जाते-जाते अस्पताल के बाहर एक नाजो नाम की पेसेंट को धक्का भी देकर गया। यह बात हमारे समझ नहीं आ रही है आखिर यह कौन लोग हैं और क्या चाहते हैं।
डॉ. विवेक कुमार, सरकार हॉस्पिटल
वर्जन-
यह मामला मेरे संज्ञान में कल ही आ गया था। इस संबंध में इंस्पेक्टर सिविल लाइंस को गहनता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। अभी तक जो बात सामने आई है, वह भ्रूण हत्या के मामले से जुड़ी बताई जा रही है। बाकी सच्चाई क्या है, इसकी जांच के बाद ही पता चलेगा। इसके बाद ही आगे कोई कार्रवाई होगी।
राघवेंद्र सिंह राठौर, सीओ सिटी