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दानपुर गांव में कोटा प्रस्ताव के दौरान बवाल, सचिव को घेरा

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दानपुर गांव में कोटा प्रस्ताव के दौरान बवाल, सचिव को घेरा
सहसवान एसडीएम और पांच थानों की पुलिस पहुंची, बमुश्किल नियंत्रित की स्थिति
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जरीफनगर इलाके के दानपुर गांव में गुरुवार दोपहर कोटा प्रस्ताव के दौरान जमकर बवाल हुआ। उग्र महिलाओं ने ग्राम पंचायत सचिव को घेर लिया। मौके पर मौजूद पुलिस ने जैसे-तैसे भीड़ से निकालकर सचिव की जान बचाई। इसकी सूचना पर सहसवान एसडीएम मौके पर जा पहुंचे। आसपास के पांच थानों की पुलिस बुला ली गई। एसडीएम के समझाने पर बमुश्किल लोग शांत हुए।
गुरुवार दोपहर दानपुर गांव में पांचवी बार कोटा प्रस्ताव होने को था। इससे पहले जब भी प्रस्ताव की कार्यवाही शुरू हुई, उसमें कोई न कोई हंगामा खड़ा कर दिया गया। बाद में प्रस्ताव को रद् कर दिया गया। गुरुवार दोपहर कोटा प्रस्ताव कराने के लिए सहसवान के नायब तहसीलदार और ग्राम पंचायत सचिव शिव कुमार दानपुर गांव पहुंचे। जरीफनगर इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक राशन की दुकान के लिए दो लोगों ने दावेदारी की। इसमें एक पक्ष की फूलवती पत्नी हरवीर यादव के पक्ष की गिनती चल रही थी। करीब 328 लोगों की गिनती हो चुकी थी। इसी बीच दूसरे दावेदार की ओर से हंगामा शुरू हो गया। उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव पर मिलीभगत का आरोप लगाया। लोग सचिव को पीटने के लिए दौड़ पड़े। वहां मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश ने जैसे-तैसे सचिव को भीड़ के चंगुल से बचाया और गाड़ी में बैठा दिया। उसके बाद गाड़ी के आसपास दर्जनों लोग एकत्र हो गए। महिलाएं जमा हो गईं। महिलाओं ने सचिव की गाड़ी आगे से घेर लिया। भीड़ में शामिल लोग सचिव को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। भीड़ का गुस्सा देख इंस्पेक्टर ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे दी। इस पर सहसवान, मुजरिया, बिल्सी और उघैती थाने की पुलिस भी पहुंच गई। एसडीएम सहसवान संजय कुमार भी मौके पर जा पहुंचे। उन्होंने भीड़ को समझाने का काफी प्रयास किया। पुलिस ने भी भीड़ को हटाने का प्रयास किया लेकिन सभी सचिव के खिलाफ कार्रवाई पर अड़े रहे। अंत में एसडीएम ने लोगों को आश्वासन दिया कि वह सचिव के खिलाफ मिलीभगत के आरोपों की जांच कराएंगे। तभी आगे की कार्रवाई करेंगे। इस पर लोग शांत हुए और उन्होंने सचिव को जाने दिया। फिलहाल इस मामले में किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। चर्चा है कि एक पक्ष यादव है तो दूसरा सामान्य वर्ग से है। सामान्य वर्ग के दावेदार के एक विधायक से अच्छे ताल्लुकात हैं। इससे वह झुकने को तैयार नहीं है।
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वर्जन-
दानपुर का मामला बहुत संवेदनशील था। कैसे हमने दोनों पक्षों को संभाला है, हम ही जानते हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे को जान से मरने पर उतारू थे। बाद में एक पक्ष ने पूरा गुस्सा सचिव पर उतार दिया। इस मामले में अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। फिलहाल गांव का माहौल शांत है।
-सत्यप्रकाश सिंह, इंस्पेक्टर जरीफनगर
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