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शहर के दो नर्सिंग होम पुलिस की रडार पर

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शहर के दो नर्सिंग होम
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पुलिस की रडार पर
भ्रूण फेंकने का मामला: सुबूत जुटाने में लगी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। एक सप्ताह पूर्व सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में फेंके गए भ्रूण के मामले में शहर के दो नर्सिंग पुलिस की रडार पर आ गए हैं। छानबीन में पता चला है कि दोनों नर्सिंग होम के अंदर गर्भपात का धंधा चल रहा है। बड़ी चालाकी से गर्भपात कराते हैं। पकड़े न जाएं इस डर से कोई लिखा पढ़त भी नहीं करते। अल्ट्रासाउंड करवा कर सीधे गर्भपात करा देते हैं।
इनमें शामिल एक नर्सिंग होम खेड़ा नवादा इलाके में बताया जा रहा है। जबकि दूसरा नर्सिंग होम शहर में स्थित है। दोनों नर्सिंग होम के संचालकों ने क्षेत्रीय आशाओं में अच्छी पैठ बना रखी है। इसके लिए वह आशाओं को मोटी कमीशन देते हैं। इसलिए आशाएं भी मरीज को यहां लाने की हर संभव कोशिश करती हैं। इन नर्सिंग होम के महिला अस्पताल से भी तार जुड़े हैं। इन्होंने महिला अस्पताल में अपने दलालों को लगा रखा है। जो मरीजों को भड़का कर, डराकर अपने चंगुल में फंसा लेते हैं और इन नर्सिंग होम में ले जाकर डिलीवरी करा देते हैं। ऐसी कई बातें भ्रूण मिलने के बाद सिविल लाइंस पुलिस को पता चली है। सूत्रों की माने तो रडार पर आए नर्सिंग होम में पुलिस मामले की छानबीन करने भी पहुंची थी। पुलिस ने उनके अभिलेख भी चेक किए थे। कुछ ऐसे मरीज भर्ती मिले, जिनका भर्ती के नाम पर एक कागज तक नहीं बनाया गया था। परंतु वह अस्पताल में भर्ती थे। ऐसे में मरीजों के बारे में पुलिस ने पूछा भी था। परंतु नर्सिंग होम के संचालकों ने ऐसे मरीजों को कुछ देर पहले भर्ती होना बताया था। इस मामले की छानबीन अभी बंद नहीं हुई है। पुलिस इन नर्सिंग होम के संबंध में पक्के सुबूत जुटा रही है।
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वर्जन-
भ्रूण मिलने के मामले में अभी जांच चल रही है। इसलिए कुछ नर्सिंग होम चेक किए गए हैं। कुछ नर्सिंग होम पर शक भी हुआ है। परंतु अभी कोई पक्का सुबूत नहीं मिला है। जल्द ही इसका खुलासा कर दिया जाएगा।
-देवेश सिंह, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस
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