पति को मृत दर्शाकर
हासिल की पेंशन
प्रधान की शिकायत पर जांच में खुली पोल, दर्ज होगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)। चंद रुपयों की खातिर एक महिला ने अपने पति को ही कागजों में मृत घोषित करा लिया। धोखाधड़ी के इस खेल में उसे सरकारी कर्मचारियों का भी पूरा सहयोग मिला। यह नहीं, उसने विधवा पेंशन भी हासिल कर ली। प्रधान की शिकायत अफसरों तक पहुंची तो जांच में भंडाफोड़ हो गया। अब उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होगी।
मामला ब्लॉक क्षेत्र के गांव नगला तैय्यबपुर का है। गांव सूरतश्री पत्नी रक्षपाल सिंह पिछले कई साल से विधवा पेंशन का लाभ उठाती रही है। पेंशन की सूची सत्यपान के लिए प्रधान ऊषा यादव के पास पहुंची तो उन्हें शक हुआ। प्रधान ने अपने सूत्रों से जानकारी की तो रक्षपाल सिंह जीवित निकले। रक्षपाल गांव में ही खेती करते हैं। सूरतश्री ने पेंशन के लिए जो प्रमाण पत्र बनवाए, उनमें राजस्व और ब्लॉक कर्मियों की ओर से भी रिपोर्ट लगाई गई हैं। प्रधान ने इसकी शिकायत डीएम से की। डीएम के आदेश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र ने जांच की। जांच में जो हकीकत सामने आई, उसे देख अफसर भी सकते में पड़ गए। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने डीएम को भी अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। जांच पूरी हुए हालांकि करीब चार महीना हो चुके हैं लेकिन कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट फाइलों में कैद होकर रह गई। इस बीच, सूरतश्री के पेंशन पर रोक लगा दी गई है।
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गहनता से जांच हो तो सामने आएंगे कई और मामले
उझानी। पिछले सालों में ब्लॉक क्षेत्र में ऐसी ही कुछ और शिकायतें भी अफसरों को भेजी गई थीं। इनमें सबसे ज्यादा मामले विधवा और वृद्धावस्था पेंशन को लेकर थे। चूंकि नगला तैय्यबपुर की प्रधान ने मामले को गंभीरता से लिया, सो भंडाफोड़ हो गया, वरना तो शिकायत जांच के बिना ही दमतोड़ देती। सूत्रों की मानें तो प्रत्येक गांव में पात्रता सूची की जांच हो तो कई और मामले उजागर हो जाएंगे।
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वर्जन
सूरतश्री के मामले में जांच पूरी हो चुकी है। खंड विकास अधिकारी के लिए आगे की कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जा चुका है। सूरतश्री के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। अगर कोई और मामला भी सामने आता है तो उसकी भी जांच होगी।
- विकास चंद्र, जिला प्रोबेशन अधिकारी