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गुस्साए लेखपालों ने किया कार्य बहिष्कार
सहसवान तहसील में लेखपालों से मारपीट व पथराव का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। सहसवान तहसील परिसर में हुई घटना के विरोध में जिलेभर के लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन किया। कहा कि जब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तब तक एलईडी बल्व वितरण, उज्जवला, राशन कार्ड सर्वे आदि कार्य को नहीं किया जाएगा।
उप्र लेखपाल संघ के अध्यक्ष मोहम्मद रिजवान खां ने कहा कि सहसवान तहसील परिसर में घुसकर मारपीट, पत्थरबाजी और जान बूझकर सरकारी कार्य में बांधा डाली गई है जो बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। एसडीएम को ज्ञापन भी दिया गया।
सहसवान। राशनकार्ड की जानकारी करने गए प्रधान पति, पुत्र लेखपाल के बीच मारपीट के बाद मंगलवार को पथराव हुआ था। इसमें पुलिस ने देर रात दोनों पक्षों की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
बुधवार सुबह राजस्व कर्मियों को तहसीलदार समेत तहसील स्टाफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी मिली। इससे उनमें रोष फैल गया। लेखपालों के साथ-साथ तहसील स्टाफ धरने पर बैठ गया। लेखपालों का आरोप था कि पुलिस ने दूसरे पक्ष से सांठगांठ कर राजस्व कर्मचारियों के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाई है। यह भी आरोप था कि प्रधान पक्ष की ओर से पहले पुलिस को छेड़छाड़ व मारपीट की तहरीर दी गई। बाद में इसे बदलकर मारपीट और दलित उत्पीड़न की तहरीर में बदलकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर प्रधान पक्ष की ओर से दर्ज रिपोर्ट को खारिज कराकर तहसील में मारपीट, पथराव करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की। तहसीलदार राधेश्याम शर्मा का कहना था कि बिना विभागीय उच्चाधिकारियों की अनुमति लिए पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। जो पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल उठा रहा है। इधर बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ता रियाज अहमद खां समेत अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे। अमीन संघ के शाखा अध्यक्ष अनीस अहमद ने भी संघ को समर्थन दिया। बिल्सी। लेखपाल संघ के तत्वावधान में यहां लेखपालों ने तहसील परिसर में धरना देकर कार्य से बहिष्कार रखा। इस मौके पर अंबरीश कुमार, जितेंद्र पाल सिंह, विनोद कुमार सिंह, विजेंद्र सिंह, ममता यादव, मंगलेश कुमारी, शिशुपाल, राजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
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तहसीलदार व राजस्व निरीक्षक समेत 50 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट
सहसवान। मंगलवार को सहसवान तहसील में हुए बवाल के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में तहसीलदार व राजस्व निरीक्षक समेत 50 लोग शामिल हैं।
मंगलवार को सहसवान तहसील में जमकर बवाल हुआ था। इस मामले में प्रभारी राजस्व निरीक्षक सुमित कुमार की ओर से प्रधान पति देवकरन, प्रधान पुत्र छोटे, राजेंद्र और 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने और जानलेवा हमले की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दूसरी रिपोर्ट प्रधान के पति देवकरन की ओर से बलवा, मारपीट व दलित उत्पीड़न की धाराओं में लिखाई गई है। इसमें तहसीलदार राधेश्याम शर्मा, प्रभारी राजस्व निरीक्षक सुमित कुमार, आशीष सक्सेना, लेखपाल ज्ञानेंद्र, कानूनगो वीरेंद्रपाल और लेखपाल गोवर्धन और कुछ अज्ञात लोग शामिल हैं।