पांच जीवित पशु, 35 पशुओं को अवशेष और औजार बरामद
जरीफनगर के नैनोल बागवाला में चल रहा था बूचड़खाना
मांस तस्करों ने 35 गोवंशीय पशुओं का वध करके उनका मांस सप्लाई कर दिया। बूचड़खाना जरीफनगर थाने के गांव नैनोल बागवाला में बाबू के घर में चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर 35 गोवंशीय पशुओं की खाल, अवशेष और पांच जीवित गोवंशीय पशुओं के साथ पशु काटने के औजार बरामद किए हैं। मौके से करीब 40 किलो गोवंशीय मांस भी मिला है। मामले में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
बुधवार सुबह जरीफनगर थाना पुलिस को खबर मिली कि नैनोल बागवाला गांव में बाबू के घर में बड़े पैमाने पर गोवंशीय पशुओं का वध कर मांस सप्लाई किया जा रहा है। एसओ नरेंद्र पाल सिंह ने फोर्स के साथ मौके पर छापा मारा। यहां पांच गोवंशीय पशु बंधे हुए थे। इनका भी वध किया जाना था। मौके से बाबू पुत्र जाकिर, जमाल पुत्र इस्माइल और मुनब्बर पुत्र वाकर अली भाग गए। तलाशी लेने पर यहां पुलिस को गोवंशीय पशुओं की 35 खाल, सिर और अवशेष मिले। इन पशुओं का वध करके मांस ठिकाने लगाया जा चुका था। बाबू के घर से पुलिस ने कुल्हाड़ी, कई छुरे, मांस तोलने का तराजू आदि भी बरामद किया है। जमाल, बाबू और मुनब्बर के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। बरामद हुए करीब 40 किलो मांस को सेंपल भेजने के बाद दफन करा दिया गया है।
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थाना क्षेत्र के गांव नैनोल बागवाला में छापामारी करके गोवंशीय पशुओं की 35 खाल, मांस और गोवंशीय पशु बरामद किए गए हैं। इनको काटा जा रहा था। तीन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है।-नरेंद्रपाल सिंह, एसओ जरीफनगर
खाकी और खादी के संरक्षण में बढ़ रही गोकशी
गोकशी का गोरखधंधा खाकी और खादी के संरक्षण में चल रहा है। कई बार सच्चाई भी सामने आ चुकी है। इसके बावजूद जिले में गोकशी करने वालों पर शिकंजा कसने और मांस तस्करों का नेटवर्क भेदने में नाकाम हो रही है। हिंदूवादी संगठन गोकशी को लेकर लगातार विरोध कर रहे हैं। ऐसे में गोकशी कब फिजां में जहर घोल दे कहा नहीं जा सकता।
बदायूं में सिर्फ गोवंशीय पशुओं का वध ही नहीं यहां से बड़े पैमाने पर गोकशी भी हो रही है। हाल ही में सिविल लाइंस पुलिस ने बसंतनगर के पास गोवंशीय पशुओं से भरा ट्रक पकड़ा था। पिछले महीने फैजगंज बेहटा पुलिस ने वार्ड नंबर दो में चल रहा बूचड़खाना पकड़ा था। खासकर सह सवान गोवंशीय पशुओं के वध को लेकर कुख्यात है। पूरा धंधा खाकी और खादी के संरक्षण में चल रहा है। जिले के बार्डर के थानों से बड़े पैमाने पर गोकशी किसी से छिपी हुई नहीं है। पुलिस बढ़े तस्करों तक पहुंच ही ननीं पाती।
ढ़ाई साल पहले नूरपुर पिनौनी में हो चुका है बवाल
बदायूं। वाकया 20 दिसंबर 2014 का है। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बदायूं में मेडिकल कॉलेज के शिलान्याय कार्यक्रम में बदायूं आए हुए थे। इस दौरान इस्लामनगर थाने के गांव नूरपुर पिनौनी में गोकशी को लेकर बड़ाण बवाल हुआ था। गुस्साए ग्रामीणों ने एसओ समेत पुलिस कर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा था। पुलिस के कई वाहन भी आग के हवाले कर दिए थे। इस मामले में सैकड़ों के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। गनीमत रही कि नूरपुर पिनौनी की चिंगारी जिले के बाकी किसी हिस्से में नहीं पहुंची। अगर ऐसा होता तो मुश्किल हो सकती थी।
वध को ले जाए जा रहे तीन गोवंशीय पशु पकड़े
अलापुर। मुखबिर की सूचना पर अलापुर पुलिस ने वध को ले जाए जा रहे तीन गोवंशीय पशु बरामद कर एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। एसआई अमित कुमार ने कांस्टेबल मोहम्मद इजहार, रिषी कुमार पांडेय, प्रवेश यादव के साथ गश्त के दौरान कंचनपुर गांव के पास एक तस्कर रामचंद्र निवासी पुरैनिया को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से तीन पशु मिले। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।