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घने कोहरे के बीच डीसीएम खाई में पलटी , दो मजदूरों की मौत

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डीसीएम पलटने से दबकर दो मजदूरों की मौत
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दातागंज (बदायूं)। अभी 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि कोहरा दो और लोगों की जान जाने का कारण बन गया। रविवार रात दातागंज इलाके के बेलाडांडी-करनपुर गांव के बीच एक डीसीएम अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंदी में पलट गई। डीसीएम के नीचे दबने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि महिलाओं और बच्चों समेत दस लोग घायल हो गए। डीसीएम में बैठे सभी भट्ठा मजदूर थे, जो परिवार और घोड़ा-बुग्गी समेत हरदोई जा रहे थे। शनिवार को भी कोहरे के कारण देवचरा रोड पर धान से लदी ट्रैक्टर ट्राली पलटने से दबकर दो लोगों की मौत हो गई थी।
यह हादसा दातागंज-बरेली मार्ग पर रात करीब दस बजे हुआ। मुजरिया थाना क्षेत्र के ग्राम इस्माइलपुर मेमड़ी निवासी ठेकेदार ऋषिपाल कुंवरगांव इलाके से कुछ भट्ठा मजदूरों को लेकर हरदोई के संडीला जा रहे थे। डीसीएम को वजीरगंज क्षेत्र के ग्राम उरैना निवासी अच्छन चला रहा था। बेलाडांडी-करनपुर के बीच मोड़ पर घने कोहरे की वजह से डीसीएम अनियंत्रित होकर रोड से नीचे खंदी में जाकर पलट गई, जिससे डीसीएम में सवार सभी लोग नीचे दब गए। उनमें चीख पुकार मच गई। कुछ मजदूर मशक्कत करके स्वयं निकल आए और तुरंत पुलिस को सूचना दी। उन्होंने बचाव कार्य भी शुरू कर दिया गया लेकिन तब तक कुंवरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम लाही फरीदपुर निवासी 26 वर्षीय सुरेश पुत्र चरन प्रजापति और वजीरगंज के गोपालपुर निवासी 25 वर्षीय कृपाल पुत्र मीहलाल की मौत हो गई, जबकि कुंवरगांव क्षेत्र के ग्राम पडौलिया निवासी तेजपाल (50), उसका भाई अंतराम (30), मनोज (30) पुत्र जयराम उसकी पत्नी अंजलि (28), बेटी सुगंध (5) और आरुषि (7), भाई रुकुम सिंह (25) और उसकी पत्नी सीमा (22), साली चांदनी (13) निवासी ग्राम आंतर थाना जरीफनगर, शिवम (28) निवासी फकीराबाद थाना कुंवरगांव घायल हो गए। करीब एक घंटे बाद पुलिस और एंबुलेंस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घायलों को बरेली भेज दिया। सोमवार दोपहर दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया गया।
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गाड़ी से बांधकर खींचे गए घोड़े
- जिस खंदी में डीसीएम पलटी थी, उसमें पानी भरा था। इससे वहां दलदल जैसा हो गया था। डीसीएम में लदे आठ घोड़े और बुग्गी उसी दलदल में फंस गए थे। लोगों ने उन्हें निकालने का पूरा प्रयास किया था लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल कसी। बाद में पुलिस ने गाड़ी से बांधकर सभी घोड़ों को एक-एक करके बाहर निकाला। कई घोड़ों को भी गंभीर चोटें आई हैं।
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मरा समझकर घायल को छोड़ गई एंबुलेंस
- हादसे की सूचना पर पुलिस के साथ एंबुलेंस भी पहुंची थी। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो एंबुलेंस सभी घायलों को ले आई लेकिन एक घायल को वहीं छोड़ आई, जिसकी हालत गंभीर थी। वह बेहोश था और ठंड में उसके हाथ-पैरों ने काम करना बंद कर दिया था। यह लापरवाही देखकर पुलिस ने एंबुलेंस के पीछे गाड़ी दौड़ा दी। काफी दूर जाकर एंबुलेंस को वापस कराया और घायल को एंबुलेंस से भेज दिया।
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