बहनों को मारने के बाद आत्महत्या करना चाहता था राहत, जेल भेजा
बोला, बहनों को दुखी नहीं देखना चाहता था, इसलिए मारा, छह कारतूस और एक तमंचे का पहले कर चुका था इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
कादरचौक (बदायूं)।
बहनों पर गोलियों की बौछार करने वाला राहत बोला कि वह अपनी बहनों को दुखी नहीं देखना चाहता था। घरेलू विवादों की वजह से उसकी शादीशुदा बहनों की जिंदगी नरक बन गई है। उनकी ससुराल में विवाद होता है, तो वह परेशान होती हैं और उनकी वजह से पूरे परिवार को परेशानी होती है। कुंवारी बहनों की वही स्थिति हो तो इससे अच्छा है कि शादी से पहले उनकी मौत हो जाए।
24 वर्षीय राहत कुरैशी पुत्र यामीन कुरैशी ग्राम रमजानपुर निवासी है। उसने बुधवार रात घर के आंगन में सो रही तीन बहनों को गोली मार दी थी। जिनमें एक बहन नाजरीन ने जिला अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया था। जबकि दो बहनें गंभीर हालत में बरेली रेफर कर दी गईं। वारदात को अंजाम देने वाले भाई राहत को पुलिस ने जिला अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया था। गुरुवार शाम तक उससे पूछताछ की गई लेकिन उसने तीन बहनों को गोली मारने का कारण स्पष्ट नहीं बताया। दूसरे दिन पूछताछ में बोला कि वह अपनी बहनों की वजह से परेशान था। उसे बहनों की वजह से जिल्लत की जिंदगी जीनी पड़ रही थी। उसने प्लान बना लिया था कि वह बहनों को मारने के बाद आत्महत्या कर लेगा परंतु तब तक उसके कारतूस खत्म हो गए। राहत ने बताया कि रमजान शुरू होने से तीन दिन पहले एक व्यक्ति पुलिस के डर से ग्राम कटिन्ना बरचऊ के जंगल में तमंचा और कारतूस छिपा गया था यह सब उसने देख लिया था। वह व्यक्ति चला गया तो वह गड्ढा खोदकर छह कारतूस और तमंचा निकाल लाया। घटना वाली रात उसे नींद नहीं आई थी। रात दो बजे तक मोबाइल चलाता रहा। बहनें सो गईं, तो उसने एक-एक करके गोली मारनी शुरू कर दी। एक कारतूस उसने अपनी मां को रोकने के लिए चलाया था। आत्महत्या कर पाता, उससे पहले उसके कारतूस खत्म हो गए। थाना पुलिस ने गुरुवार को ही उसका तमंचा बरामद कर लिया था। देर शाम को पुलिस ने मां अफरोज की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली। शुक्रवार सुबह पुलिस ने राहत को जेल भेज दिया।