डॉक्टर के सरकारी
आवास पर छापा
डेढ़ साल पहले रिटायर्ड हो चुके हैं डॉक्टर, आवास से तीन बाइक बरामद, दो लोग पकड़े, बाद में छोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। सदर कोतवाली पुलिस ने जिला अस्पताल परिसर में स्थित एक डॉक्टर के सरकारी आवास पर छापा मारा। पुलिस ने मौके से तीन संदिग्ध बाइक और दो लोग पकड़ लिए। जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। उन्हें कोतवाली ले जाया गया, बाद में छोड़ दिया गया।
जिला अस्पताल के जिस डॉक्टर के सरकारी आवास में पुलिस ने छापेमारी की, वह करीब डेढ़ साल पहले रिटायर्ड हो चुके हैं। वह यहां रहते भी नहीं हैं, वह बिजनौर में रहते हैं। उन्होंने अस्पताल के एक कर्मचारी को यह आवास दे दिया था। तभी से वह कर्मचारी इसमें रह रहा है। डॉक्टर कभी-कभी कोर्ट के मामलों में बदायूं आते हैं तो यहां रुक जाते हैं। नहीं तो वह अपने घर चले जाते हैं। रविवार रात पुलिस को सूचना मिली थी कि आवास में कुछ गलत हो रहा है। उसमें कोई लड़की भी आई है। इस सूचना पर पुलिस ने आवास को घेर लिया और छापेमारी की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिस को आवास के गेट पर तीन संदिग्ध बाइक खड़ी मिलीं और दो लोग बैठे मिले। बाकी पुलिस को कुछ नहीं मिला। पुलिस बाइक और दोनों लोगों को कोतवाली ले गई। जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। इधर, चर्चा है कि आवास के दो गेट हैं। एक गेट लावेला चौक से कचहरी जाने वाले रोड पर खुलता है। दूसरा गेट अस्पताल परिसर में है। छापेमारी के दौरान लड़की अस्पताल परिसर की ओर निकाल दी गई। इससे वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सकी।
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वर्जन--
हां डॉक्टर के आवास में पुलिस की छापेमारी की सूचना मिली थी। सुना है कि वहां तीन बाइक और दो-तीन लोग पकड़े गए थे। डॉक्टर डेढ़ साल पहले आवास छोड़ चुके हैं। उसमें कोई कर्मचारी रह रहा है। आवास में कोई गलत काम न हो, इसके लिए वह गेट बंद कराया जाएगा।
-डॉ. भारत भूषण पुष्कर, सीएमएस जिला अस्पताल
वर्जन--
डॉक्टर के सरकारी आवास में छापेमारी करने की मुझे जानकारी नहीं है। यह कोतवाली का मामला है। मैं पूरी जानकारी लेता हूं, क्यों छापेमारी हुई थी और क्या बरामद हुआ। तभी कुछ बता सकते हूं।
-राघवेंद्र सिंह राठौर, सीओ सिटी
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डॉक्टर पर दुष्कर्म का आरोप, रिपोर्ट के आदेश
बदायूं। अलापुर क्षेत्र की एक आशा वर्कर ने सीजेएम कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र देकर म्याऊं पीएचसी पर तैनात एक डॉक्टर पर दुष्कर्म करने,नौकरी के नाम पर रुपये ऐंठने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पर सीजेएम अमरजीत ने पुलिस को डॉक्टर और एक सहायक पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
पीड़िता का आरोप है कि डॉक्टर ने पहले उसे नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। सो उसने 30 हजार रुपये भी ले लिए। आरोप था कि डॉक्टर ने उससे जबरन दुष्कर्म किया। ब्यूरो