बदायूं। एक युवक की हत्या कर लाश गेहूं की फसल के बीच में फेंक दी गई। इस घटना के आठ दिन बाद बुधवार सुबह युवक की सड़ीगली लाश मिली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक युवक को गला दबाकर मारा गया था। युवक बरेली के बहेड़ी का मूल निवासी था, जो पिछले करीब आठ साल से यहां बड़ी सरकार पर रहकर इलाज करा रहा था।
करीब 42 वर्षीय इकरार पुत्र अबरार बरेली जिले के बहेड़ी का मूल निवासी था। उसे मिर्गी के दौड़े आते थे। करीब आठ साल पहले वह अपनी मां रईस बानों के साथ यहां बड़े सरकार की दरगाह पर इलाज कराने आया था, जिसके बाद से मां-बेटा दरगाह परिसर में ही रहते थे। नौ दिन पहले अचानक इकरार गायब हो गया। मां रईस बानों ने उसे काफी खोजने की कोशिश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।
बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे बड़े सरकार के पीछे खेत में गेहूं की फसल के बीच से गुजर रहे लोगों ने बदबू आती महसूस की। चर्चा फैलने पर कुछ लोगों ने नजदीक जाकर देखा तो युवक की सड़ी गली लाश पड़ी थी, जिससे बदबू निकल रही थी। इसकी सूचना मिलने पर यूपी 100 पुलिस मौके पर पहुंच गई। भीड़ के बीच रईस बानो ने जाकर देखा तो लाश उसके बेटे इकरार की निकली। इस बीच सिविल लाइंस थाना पुलिस भी पहुंच गई। इसके बाद पोस्टमार्टम कराया गया और शव रईस बानों के सुपुर्द कर दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक युवक के गले की हड्डी टूटी हुई पाई गई। यानी उसे किसी ने गला दबाकर मारा है। इधर, कोतवाली पुलिस ने बताया कि मृतक की मां रईस बानो कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहती है। उसकी किसी से दुश्मनी भी नहीं है।