उझानी (बदायूं)।
लापता लड़की को बरामद करने के बाद भी कोर्ट में पेश नहीं करने और विवेचक दरोगा पर उसे बालिग ठहराने की कोशिश शुरू कर देने का आरोप लगाते हुए लड़की के परिवार के लोग कोतवाली पर जा पहुंचे। उन्होंने थाने में हंगामा किया तो पुलिस ने सोमवार को लड़की को कोर्ट में पेश कर दिया।
कस्बे के एक व्यक्ति की लड़की 15 जून को लापता हो गई। शक होने पर पिता ने पड़ोस के विनोद कुमार के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करा दी। रिपोर्ट में लड़की के साथ कीमती गहने भी होने का उल्लेख किया गया था। चार जुलाई को पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया। आरोप है कि उसे अगले दिन कोर्ट में पेश करने के बजाय एक दरोगा ने मामले में समझौते के लिए कार्रवाई में झोल डाल दिया। किशोरी से मिलने उसके घरवाले कोतवाली पहुंचे तो वह नहीं मिली। घरवालों को पता लगा कि किशोरी को आरोपी के रिश्तेदार के घर पर रोका गया है। चार दिन तक संशय की स्थिति रही। विवेचक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सोमवार सुबह लड़की पक्ष के लोग कोतवाली गेट पर इकट्ठे हो गए। इनमें कई महिलाएं भी थीं। उन्होंने दरोगा के खिलाफ प्रदर्शन किया। इनका कहना था कि लड़की को बालिग ठहराकर आरोपी को बचाने और इस मामले में समझौते की कोशिश की जा रही है। बाद में वे प्रभारी निरीक्षक संजय गोयल से मिले। उन्हें भी अपनी शिकायत से अवगत कराया। साथ ही लड़की के नाबालिग होने के प्रमाण के रूप में उसकी हाईस्कूल की मार्कशीट पेश की। लड़की के पिता ने एसएसपी को भेजे प्रार्थना पत्र में कहा है कि दो दिन पहले वह विवेचक से मिला तो उससे कहा गया कि किशोरी महिला अस्पताल में है लेकिन अस्पताल में वह नहीं मिली। कस्बा इंचार्ज संजय शर्मा ने बताया कि किशोरी को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया है। कार्रवाई भी नियमानुसार की गई है।