बदायूं/कादरचौक। जिस दिन कादरचौक पुलिस ने बावरिया गिरोह का पर्दाफाश किया था और कुछ बदमाशों को जेल भेजा था, उसी दिन से गिरोह के बदमाश कुछ बड़ा करने की फिराक में हैं। बुधवार रात हुई एक घटना ने इस आशंका को और ज्यादा प्रबल कर दिया है। गिरोह में शामिल तीन महिलाओं की थाने में दस्तक से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। इससे पुलिस पहले की अपेक्षा और सतर्क हो गई है। थाने के सुरक्षा गार्डों को भी चौकन्ना कर दिया है। माना जा रहा है कि बदमाशों की नजर कादरचौक पुलिस पर है और वे पुलिस को भी निशाना बना सकते हैं।
बुधवार रात करीब दो बजे तीन महिलाएं एक 12 साल की लड़की के साथ कादरचौक थाने पहुंचीं। उस वक्त एसओ हरिभान सिंह राठौड़ थाने के सरकारी आवास में सो रहे थे, जबकि एसआई डीपी सिंह नाइट ड्यूटी पर थाने में तैनात थे। हेडमोहर्रिर अतर सिंह अपना कार्य निपटा रहे थे। पुलिस के मुताबिक तीनों महिलाएं उसी समय थाने पहुंचीं। गार्ड ने उन्हें देखकर थाना परिसर में ही रोक लिया और उनसे आधी रात थाने आने का कारण पूछा। उन्होंने कारण तो नहीं बताया लेकिन वह सिर्फ एसओ से मिलने की जिद कर रही थीं। इस पर एसआई और हेडमोहर्रिर भी उनके पास पहुंच गए। उन्होंने कहा कि एसओ अभी नहीं मिल सकते। कोई कार्य हो तो बताओ, नहीं तो सुबह आना। बताते हैं कि महिलाएं उस समय थाने के बाहर चलीं गईं। कुछ देर बाद घूमकर दोबारा फिर थाने पहुंच गईं और उन्होंने एसओ के आवास का दरवाजा खटखटाया लेकिन एसओ ने दरवाजा नहीं खोला। बताया जाता है कि वे महिलाएं गुरुवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे तक थाने के इर्दगिर्द घूमती रहीं। उनकी कार थाने से कुछ दूरी पर खड़ी थी। उसी में बैठकर कहीं चली गईं। ये भी कहा जा रहा है कि तड़के बाहर कुछ लोगों ने एक महिला पर तमंचा भी देखा था।
इधर, गुरुवार सुबह तीन महिलाओं के थाने आने की चर्चा हुई तो पुलिस कर्मियों को उन पर कुछ शक हुआ। पिछले दिनों प्रेमीनगला में हुई डकैती के पर्दाफाश के दौरान पुलिस ने बदमाशों की धरपकड़ के समय उनके परिवार वालों समेत महिलाओं तक के फोटो खींचे थे। पुलिस ने जब रात आई महिलाओं के चेहरे का मिलान उन फोटो से किया तो वे भी भौचक्के रह गए। उनमें एक महिला प्रेमी नगला में पकड़े गए बदमाश जतिन की पत्नी ऊषा थी। बाकी दो महिलाएं भी उसके परिवार से जुड़ी बताई गई हैं। इनके साथ आई 12 साल की लड़की सड़क हादसे में मरे बदमाश कालीचरण उर्फ काला की बेटी थी।
प्रेमी नगला में डकैती के दौरान कर दी थी किसान की हत्या
- बावरिया गिरोह के बदमाशों ने करीब एक माह पहले प्रेमी नगला के तीन घरों में डकैती डाली थी। बदमाश किसान हरीश के घर से सामान लूटकर भाग रहे थे। उसी समय हरीश ने एक बदमाश को पकड़ लिया था। जिस पर बदमाश ने हरीश की गोली मारकर हत्या कर दी। गांव वालों ने उस बदमाश को मौके पर पकड़ लिया था, जिसने अपना नाम जतिन बताया था। अभी यह बदमाश जेल में है।
28 अप्रैल को पकड़े गए थे बदमाश
- कादरचौक पुलिस ने 28 अप्रैल को कालीचरन उर्फ कल्लू उर्फ काला, उसकी पत्नी दिया देवी उर्फ दीपा, उसका बाप मानपाल, मां अनारकली, अन्नू उर्फ सोनू पुत्र सुनील बावरिया और उसके भाई कुलदीप को पकड़ा था। दूसरे दिन यानी 29 अप्रैल को पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया था।
यह सामान हुआ था बरामद
-बावरिया गिरोह के पकड़े जाने के दौरान पुलिस ने इनसे एक कार, एक बाइक, दो तमंचे, कारतूस, पायल और अंगूठी बरामद की थी। बताया जा रहा था कि बदमाश बरामद वाहनों से ही लूटपाट करने जाते थे। वाहन काफी दूर खड़ा कर देते थे। उसके बाद घटना को अंजाम देते थे।
बोलकर गया था कालीचरन, लौटकर नहीं आएंगे जेल
- कादरचौक थाने में महिलाओं के आने के बाद से एक चर्चा खूब हो रही है कि जिस दिन बिसौली पुलिस ने कालीचरन को जेल से रिमांड पर लिया था, उस दिन वह कहकर आया था कि वह दोबारा लौटकर जेल नहीं आएगा। यह भी चर्चा है कि हादसा ऐसे नहीं हुआ था। कालीचरन के हाथ में हथकड़ी नहीं थी। इससे उसने बस को आते देखकर पुलिस की जीप का स्टेयरिंग खींच लिया था, जिससे गाड़ी अनियंत्रित हो गई थी और रोडवेज बस से टकरा गई। अब सच्चाई क्या है, यह तो घायल दरोगा ही जानते होंगे। उनके बारे में पुलिस अभी कुछ बताने को तैयार नहीं है।
रात तीन महिलाएं थाने आईं थीं। वह मुझसे मिलने की जिद कर रहीं थीं। उस समय उन पर कोई शक नहीं हुआ। सुबह फोटो देखे तो पता चला कि वह बावरिया गिरोह की बदमाश हैं। उनमें एक प्रेमी नगला में डकैती के दौरान पकड़े गए बदमाश की पत्नी ऊषा थी। अब उसको भी डकैती मामले में शामिल किया जाएगा।
हरिभान सिंह राठौड़, एसओ कादरचौक