धरने पर बैठा परिवार तो ढूंढ निकाली किशोरी
तीन माह पुराने में मामले में आया नाटकीय मोड़, पुलिस ने बालिग ठहराया
बरामदगी के बाद कोर्ट में पेश की लड़की, प्रेमी को पति बताया
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)। करीब तीन महीना पुराने किशोरी के अपहरण के मामले में गुरुवार को उसके परिजन धरने पर बैठ गए। इसे देखते हुए पुलिस ने देर शाम ही उसे नाटकीय अंदाज में खोज निकाला। पूछताछ की तो वह प्रेमी को ही अपना पति बताने लगी। पुलिस उसे बालिग बता रही है, जबकि परिवार के लोग किशोरी। फिलहाल पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया है।
मामला कोतवाली क्षेत्र में कटरी से जुड़े एक गांव का है। गांव के ही एक व्यक्ति की नाबालिग बेटी करीब तीन महीना पहले गायब हो गई थी। उसके पिता ने भैंसोरा गांव के राजीव यादव को बहला-फुसलाकर अगवा कर ले जाने की नामजद रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इसके बाद किशोरी का पिता बरामदगी के लिए पुलिस के चक्कर काटता रहा था। गुरुवार को उसने भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली गेट पर पुलिस के खिलाफ धरना दिया। धरनास्थल पर भाजपा विधायक आरके शर्मा भी पहुंचे थे। उन्होंने परिजनों को आश्वासन भी दिया कि किशोरी को तीन दिन के अंदर बरामद कर लिया जाएगा। दबाव में आई पुलिस ने चंद घंटे में ही किशोरी को ढूंढ निकाला। कोतवाली में गुरुवार देर शाम ही किशोरी के बयान दर्ज किए गए। पुलिस की मानें तो वह नाबालिग नहीं बल्कि बालिग है। उसने राजीव से शादी कर ली है। बाद में दोनों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट के आदेश पर उसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया है। बता दें कि बेटी की बरामदगी के लिए ग्रामीण ने मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भी शिकायत की थी।