दातागंज (बदायूं)। वन विभाग की करीब पौने चार सौ बीघा जमीन पर प्रभावशाली लोगों ने कब्जा कर लिया है। लाखों रुपये की लकड़ी बेचने के साथ ही यह लोग इस जमीन पर खेती कर रहे हैं। भाजपा नेता की शिकायत के बाद भी वन विभाग ने कोई एक्शन नहीं लिया है। वन विभाग की इसी लापरवाही से विभागीय जमीन पर अवैध कब्जों का क्रम जारी है।
हजरतपुर क्षेत्र के नवीगंज गांव में तीन हेक्टेयर करीब पौने चार सौ बीघा वन विभाग की जमीन है। किसी समय में यहां ढाक का जंगल होता था। ढाक के फूलों से जंगल की खूबसूरती में चार चांद लगते थे। जमीन पर अवैध कब्जों का क्रम ऐसा चला कि ढाक का पूरा वन ही उजाड़ दिया गया। वर्तमान में करीब पौने चार सौ बीघा के वन क्षेत्र में 20-25 बीघा जमीन खाली पड़ी है। जिस पर झाड़ियां आदि उगी हुई है। इस अवैध कब्जे की शिकायत नबीगंज के भाजपा नेता भावेश प्रताप सिंह ने वन अधिकारियों से की, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
ऐसे करते है कब्जा
कब्जा करने वाले पहले जंगल में आग लगाते है। उसके बाद में उसमें पानी भरकर जमीन को मुलायम कर देते है। बाद में पेड़ों की जड़ों को उखाड़ लेते है और जमीन को समतल करके खेती लायक बना लेते है। इनमें कुछ ही लोग खुद खेती करते है ज्यादातर लोग इसे बटाई आदि पर उठा देते है। जमीन सरकार की है, लेकिन स्वामित्व अपना दर्शाते है। पिछले वर्ष कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जिनमें वन विभाग के पेड़ों की जड़े भरी हुई थी उन्हें विभागीय अधिकारियों ने पकड़ लिया था। इसमें मामले क्या कार्रवाई हुई थी, आज तक पता नहीं चल सका है।
वर्जन
बरसात होने पर पुन: पेड़ लगाए जाएंगे और मेड़ बंदी की जाएगी। वन विभाग की पूरी जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति कब्जा नहीं छोड़ेगा तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- शराफत हुसैन, रेंजर दातागंज