उझानी (बदायूं)। कोतवाली क्षेत्र में अचौरा के जंगल में सोमवार सुबह पेड़ पर फंदे पर लटकी युवक की लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। खेत मालिक ने पुलिस को भी मौके पर बुला लिया। पुलिस ने आसपास के लोगों को बुलाकर मृतक की पहचान कराने की कोशिश की लेकिन कोई भी उसकी शिनाख्त नहीं कर पाया। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के लिए तो भेज दिया है पर पेच इस बात पर फंस गया है कि युवक ने आत्महत्या की है या फिर ने उसे किसी ने मारकर फंदे पर लटका दिया है।
पेड़ पर लटकी युवक की लाश को सबसे पहले अचौरा निवासी खेत मालिक मलखान सिंह ने देखा। देखते ही देखते वहां ग्रामीणों का जमघट लग गया। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार चाहर भी पहुंच गए। उन्होंने आसपास गांवों के लोगों को चौकीदारों के जरिए बुलवा लिया लेकिन कोई भी उसकी शिनाख्त नहीं कर पाया। कोतवाल ने बताया कि मृतक नीला जींस, सफेद शर्ट और ऊपर लाल धारीदार काली जर्सी पहने था। सिर पर सफेद गमछा बंधा था लेकिन मृतक के गले में फंदा रस्सी से लगा मिला। उम्र करीब 38-40 साल की बताई गई है। शिनाख्त न होने पर यह तो साफ है कि मृतक अचौरा समेत आसपास के किसी का गांव नहीं है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि युवक को किसी ने फंदे पर लटका दिया फिर उसने आत्महत्या कर ली, यह जांच के बाद ही पता लगेगा। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिय गया है।
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अचौरा के जंगल में पहले मिला था महिला का शव
उझानी। अचौरा के जंगल में 15 दिसंबर को पुलिस ने झाड़ियों में एक महिला के शव को बरामद किया था। महिला के शव की अब तक शिनाख्त नहीं हो पाई लेकिन शव के पास शृंगार का नया सामान और मृतका के बदन पर नए कपड़े मिलने से पुलिस घटना के पीछे तंत्र विद्या मानने लगी थी। शुरू के दिनों में पुलिस ने तहकीकात भी तेज की लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर उसकी शिनाख्त की दिशा में कार्रवाई भी ठंडी पड़ती चली गई है। इससे पहले 10 नवंबर को दहेमू मंदिर के पीछे करीब 25 साल के युवक की लाश मिली थी। उसकी भी अब तक शिनाख्त नहीं हो पाई है।