बदायूं। दिल्ली रूट पर चलने वाली रोडवेज बसों में यात्रियों को नशा देकर लूटने वालों ने एक यात्री की जान ले ली। रविवार को जहरखुरानी का शिकार हुए युवक ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। वहीं, जहरखुरानी गिरोह तक पुलिस पहुंचने में नाकाम रही है। जहरखुरानी गिरोह लगभग हर रोज एक वारदात को अंजाम दे रहा है।
संभल के थाना गुन्नौर के गांव बाहवरू निवासी 35 वर्षीय उत्तमचंद्र पुत्र जागन सिंह दिल्ली में रहकर नौकरी करता था। रविवार को वह अपने घर आने के लिए रोडवेज बस में सवार हुआ था। बस के गुन्नौर पहुंचने से पहले ही जहरखुरानों ने उत्तमचंद्र को नशा दे दिया। इससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद उससे नकदी समेत अन्य सामान लूट लिया। बेहोशी की हालत में उत्तमचंद्र बस की सीट पर बैठा रहा। बस के दहगवां पहुंचने पर स्टाफ ने उसे यहां उतार दिया। सड़क किनारे बेहोशी की हालत में पड़े उत्तमचंद्र को देखकर आसपास के लोगों ने एंबुलेंस को फोन किया। एंबुलेंस के लिए उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उत्तमचंद्र ने रविवार देर रात जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। सोमवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया।
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त्योहारी सीजन में बढ़ जाती हैं वारदात
बदायूं। गौर करने वाली बात यह है कि दिल्ली में रहकर नौकरी या अन्य धंधा करने वाले लोग त्योहारों पर अपने घरों को आते हैं। जहरखुरानी गिरोह भी त्योहारी सीजन में सक्रिय हो जाता है। एक सप्ताह में भीतर जहरखुरानी गिरोह के सदस्य दिल्ली रूट पर 15 लोगों को शिकार बना चुके हैं। इनमें साले-बहनोई भी शामिल हैं। इलाज के बाद बाकी लोग तो ठीक हो गए, लेकिन उत्तमचंद्र की जान चली गई।
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इस तरह देते हैं वारदात को अंजाम
बदायूं। जहरखुरानी गिरोह के सदस्यों को पहचानना मुश्किल होता है। यह आम यात्रियों की तरह बस में सवार होते हैं। जिस यात्री को लूटना होता है उसके पास बैठते हैं। इसके बाद उससे बोलचाल कर जान पहचान बनाते हैं। जान पहचान बनने के बाद उसे या तो नशा सुंधा देते हैं या फिर किसी खाने की चीज में नशीला पदार्थ दे देते हैं। कई बार बेहोश करने के लिए यह बीड़ी और सिगरेट का भी इस्तेमाल करते हैं।