बदायूं। मुजरिया थाना क्षेत्र के ग्राम खंगार नगला में चाकू से गोदकर मारे गए शाहबुद्दीन के हत्यारे कोई और नहीं बल्कि उसकी पत्नी, बेटा और दो रिश्तेदार निकले। पूरे परिवार ने एक तीर से दो निशाने साधने की कोशिश की। परिजनों के मुताबिक शाहबुद्दीन परिवार की एक महिला पर बुरी नीयत रखता था। इससे उन्होंने उसे अपने रास्ते से हटाने और साथ ही अपने दुश्मनों को फंसाने की साजिश रच डाली। परिवार वाले शाहबुद्दीन की हत्या करके बचने में सफल भी हो जाते लेकिन उनके बयानों में ही कई झोल देखने को मिले, जिससे वे खुद फंस गए और पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में शाहबुद्दीन हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि 19 फरवरी की रात मुजरिया थाना क्षेत्र के ग्राम खंगार नगला में शाहबुद्दीन (45) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। उसका गला भी रेत दिया गया था। शाहबुद्दीन की पत्नी फरीदन ने सहसवान कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अब्बूनगर निवासी महेश, प्रकाश और उदय सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शाहबुद्दीन के शरीर पर चाकू से 13 वार किए गए थे।
पुलिस पहले से ही इस मामले को संदिग्ध मान रही थी। परिवार वाले भी झूठ बोल रहे थे। फरीदन का कहना था कि हत्यारे रात 12 बजे आए थे। करीब दो घंटे तक घर में रहे और फिर शाहबुद्दीन की हत्या करके फरार हो गए। यहीं पर परिवार वालों का झूठ पकड़ा गया। बदमाश आए, दो घंटे तक रहे और परिवार वालों से बोले तक नहीं और न ही उनके खरोंच आई। उन्होंने शाहबुद्दीन को बचाने का प्रयास क्यों नहीं किया और अगर परिजनों ने शाहबुद्दीन को बचाने का प्रयास किया होता, तो जरूर उनको चोट आती। इसी बात ने पुलिस को भी शक में डाल दिया और पुलिस ने अपनी जांच को इसी दिशा में आगे बढ़ाया।
एसएसपी ने बताया शाहबुद्दीन परिवार की एक महिला पर बुरी नीयत रखता था। इसी वजह से उसके दो भाई बाहर रहने लगे थे। अब्बू नगर के महेश और प्रकाश को फरीदन ने 80 हजार रुपये में मकान गिरवी रख दिया था। परिवार वाले शाहबुद्दीन को रास्ते से हटाने के साथ-साथ महेश और प्रकाश को फंसाकर मकान वापस लेना चाहते थे। इससे फरीदन, उसके बेटे आस मोहम्मद, बेटे के साले आस मोहम्मद पुत्र नुरुद्दीन निवासी खंदक तथा रिश्तेदार पप्पू उर्फ असलम ने मंगलवार रात शाहबुद्दीन की हत्या कर दी। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए पत्नी और बेटे को गिरफ्तार कर लिया। उनके घर से चाकू भी बरामद किया गया है। एसएसपी ने टीम को 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया है। पत्नी और बेटे को जेल भेज दिया गया है।