उझानी (बदायूं)। अब्दुल्लागंज के तालाब में दर्जनों कछुआ मरने के मामले में वन विभाग के अफसरों ने तहकीकात शुरू कर दी है। तालाब मालिक की भूमिका की भी जांच होगी। हालांकि अभी तक कार्रवाई की दिशा तय नहीं की गई, लेकिन आईवीआरआई से कछुओं की पोस्टमार्टम और तालाब के पानी की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया जाएगा।
कोतवाली क्षेत्र के गांव अब्दुल्लागंज में भगवान सहाय के तालाब में शनिवार सुबह दर्जनों की संख्या में कछुओं की मौत हो गई थी। मौत की वजह को लेकर ग्रामीणों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच वन विभाग की टीम ने शनिवार को मृत कछुओं में से 10 कछुआ कब्जे में ले लिए थे। रविवार को आईवीआरआई बरेली में पोस्टमार्टम किया गया। वन कर्मियों ने तालाब के पानी का सैंपल भी जांच के लिए दिया है। डिप्टी रेंजर अनिल सोलंकी ने बताया कि पोस्टमार्टम हो चुका है, लेकिन नहीं मिली है। विभागीय प्रक्रिया के तहत ही रिपोर्ट वन विभाग कार्यालय को मुहैया होगी। बताया कि आईवीआरआई ने तालाब के पानी की जांच के लिए दूसरी प्रयोगशाला में भेजा है।
इसके अलावा डिप्टी रेंजर सोलंकी तालाब मालिक की भूमिका की जांच कराने के लिए अफसरों को लिख चुके हैं। तालाब के लिए मालिक ने उझानी के एक व्यक्ति को पट्टे पर दे रखा है। डिप्टी रेंजर की मानें तो आईवीआरआई से साफ होने के बाद पुलिस कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण कछुओं की मौत के मामले में तालाब में कीटनाशक डाल दिए जाने का अंदेशा जता चुके हैं। इधर, पूर्व प्रधान रवेंद्र सक्सेना ने बताया कि तालाब में दूसरे दिन निकाले गए कई मृत कछुओं को गड्ढे खोदकर दफन कर दिया गया है। पूर्व प्रधान के मुताबिक- मृत कछुओं की संख्या करीब 60 थी।