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युवक को फंसाने के चक्कर में इंस्पेक्टर समेत छह पुलिस कर्मी फंसे

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बदायूं। एक युवक को जबरन कोतवाली ले जाकर झूठे मुकदमे में फंसाना और उसके रुपये हड़पना सदर कोतवाली के तत्कालीन इंस्पेक्टर को महंगा पड़ गया। सीजेएम अमरजीत ने इंस्पेक्टर समेत छह पुलिस कर्मियों को आरोपी मानते हुए कोर्ट में तलब किया है।
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यह मामला करीब दो साल पुराना है। उस समय सदर कोतवाली के इंचार्ज इंस्पेक्टर लोकेंद्र पाल सिंह थे। 22 अप्रैल 2017 की रात बिरुआबाड़ी मंदिर के पास एक लॉन में वैवाहिक कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें पुष्पांशु उर्फ मोना पुत्र कमलकांत शर्मा निवासी आर्य समाज अपने दोस्तों के साथ दावत खाने गए थे। उसी कार्यक्रम में इंस्पेक्टर लोकेंद्र पाल सिंह, एसआई पुष्पेंद्र सिंह, एसआई सुधाकर सिंह, एसआई परवेंद्र सिंह, सिपाही विक्रांत चौधरी और चालक सिपाही पुष्पेंद्र सिंह भी आए थे। इसी दौरान चालक सिपाही पुष्पेंद्र डीजे पर डांस करने लगा। इस पर पुष्पांशु ने आपत्ति जताई और डांस करने से मना किया। आरोप है कि यह सुनकर इंस्पेक्टर लोकेंद्र पाल सिंह भी डीजे पर पहुंच गए और डांस करने लगे। पुष्पांशु ने उनसे वर्दी का सम्मान करने की बात कही तो इंस्पेक्टर बिगड़ गए और उन्होंने पुष्पांशु को पकड़कर खींच लिया। उसको पकड़कर कोतवाली ले गए। फिर हवालात में बंद कर दिया। अगले दिन उसके पिता कमलकांत कोतवाली पहुंचे। इंस्पेक्टर ने उन्हें भी हवालात में बंद कर दिया और फर्जी फर्द तैयार कर दोनों पिता-पुत्र को जेल भेज दिया।
पुष्पांशु का आरोप था कि उसे पकड़ने के दौरान उसकी जेब में एक लाख रुपये रखे थे। इंस्पेक्टर ने वह रुपये ले लिए और उसकी सोने की चेन भी हड़प कर ली। यह मामला उस समय काफी चर्चित रहा था। पुष्पांशु ने अपने साथ अन्याय बताते हुए 28 अगस्त 2017 को सीजेएम कोर्ट में परिवाद दायर किया था, जिस पर कोर्ट ने मामले में सुबूतों और गवाहों के आधार पर इंस्पेक्टर समेत सभी पुलिस कर्मियों को आरोपी मानते हुए कोर्ट में तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।
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इन धाराओं में तलब किए पुलिस कर्मी
इंस्पेक्टर लोकेंद्र पाल सिंह, एसआई परवेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, सुधाकर सिंह और सिपाही विक्रांत चौधरी को आईपीसी की धारा 218, 220, 120 बी, 409 के तहत तलब किया है, जबकि चालक सिपाही पुष्पेंद्र को धारा 294 और 510 आईपीसी के तहत तलब किया है। इस संबंध में पुष्पांशु ने कोर्ट में कुछ वीडियो और सीसीटीवी फुटेज भी पेश किए थे।
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