कोतवाली क्षेत्र के गांव हरहरपुर निवासी नारायण राजपूत के अपहरण के मामले में मंगलवार रात पुलिस को सर्विलांस की मदद से क्लू मिलने के बाद मंगलवार रात में पुलिस ने एक युवक को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने भी पुलिस को कुछ ऐसे ही संकेत दिए। युवक की बरामदगी के लिए बुधवार तड़के पुलिस की एक टीम हरियाणा को रवाना हो गई।
रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मी सुंदरलाल के 20 वर्षीय बेटे नारायण राजपूत को अज्ञात बदमाशों ने 26 नवंबर की रात खेत पर सिंचाई करते समय अगवा कर लिया था। उसके भाई रनवीर की तहरीर पर अपहरण का मामला दर्ज करने के बाद नारायण की बरामदगी की कोशिश में लगी पुलिस के लिए हालांकि अब तक ठोस क्लू नहीं मिल पाया है लेकिन मंगलवार रात पुलिस ने उसी गांव के एक युवक को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस के सामने खुद को बेगुनाह बताया लेकिन यह जरूर कहा कि नारायण हरियाणा में है। सर्विलांस से भी पुलिस को एक दिन पहले ऐसे ही संकेत मिले थे। संदिग्ध युवक के साथ दरोगा रामऔतार की अगुवाई में पुलिस टीम को बुधवार तड़के हरियाणा के लिए भेज दिया गया। पुलिस टीम देर शाम तक हरियाणा में नारायण की तलाश में जुटी बताई गई है।
भाई के ससुराल वालों को मिल सकती है क्लीन चिट
उझानी। अगवा नारायण राजपूत को लेकर उसके भाई रनवीर समेत घरवालों ने कासगंज जिले में सोरों कसबे निवासी रिश्तेदारों पर शक जताया था। घटना के अगले दिन ही पुलिस ने सोरों में दबिश देकर तीन रिश्तेदारों को हिरासत में भी ले लिया था लेकिन उनसे पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली। जिन रिश्तेदारों पर शक किया गया है, वह नारायण के भाई रनवीर के ससुराले वाले हैं। उनसे विवाद चल रहा है। सूत्रों की मानें तो भाई के ससुराल वालों को क्लीन चिट मिल सकती है।