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रेलवे कर्मी बताकर रुपये मांगे, फिर की दुकान का सामान फेंका

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फोटो- 28 बीडीएनयूजेएचपीएच-01
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रेलवे कर्मी बताकर रुपये मांगे, फिर की दुकान का सामान फेंका
स्टेशन परिसर में बरेली के तीन लोगों ने दुकानदार से की मारपीट
खुद को इज्जतनगर डिवीजन में कार्यरत बताकर मांगी थी रिश्वत

अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)। यहां स्टेशन परिसर में चाय और समोसा की दुकान चलाने वाले दुकानदार महेशचंद्र गुप्ता के पास पहुंचे तीन लोगों ने जमकर उत्पात मचाया। उन्होंने खुद को इज्जतनगर डिवीजन में कार्यरत बताने वाले लोगों ने पहले तो दुकानदार से रुपये मांगे। दुकानदार ने पंजीकृत होने का प्रमाण दिखाया तो तीनों ने उसके साथ हाथापाई की। बाद में उसकी दुकान का सामान फेंक कर आरोपी चले गए।
रंगदारी के अंदाज में हुई घटना रविवार दोपहर की है। मोहल्ला साहूकारा निवासी महेशचंद्र गुप्ता की स्टेशन परिसर में करीब डेढ़ दशक से खोखानुमा दुकान है। उसने दुकान को रेलवे में पंजीकृत करा लिया था। पंजीकरण के बाद से वह प्रतिमाह किराया भी जमा करता रहा। महेश ने बताया कि खुद को रेलवे का कर्मचारी बताकर तीन लोग उसकी दुकान पर पहुंचे और प्रतिमाह अलग से सुविधा शुल्क की मांग करने लगे। महेश ने उनके सामने पंजीकृत दुकानदार होने का सबूत पेश किया तो उसके साथ गाली गलौज की गई। दुकानदार ने रुपये देने से मना कर दिया। आरोप है कि तीनों लोगों ने दुकानदार से हाथापाई की। दुकानदार के कपड़े भी फट गए। पकौड़ी और समोसे का थाल भी दुकान से उठाकर फेंक दिया गया। घटना के दौरान आसपास के लोगों का जमघट भी लग गया। उन्होंने भी दुकानदार का पक्ष रखा। पिटाई के शिकार दुकानदार ने जीआरपी चौकी पर शिकायत की है।
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इंसेट
पहले भी खोमचे वालों से करते रहे हैं उगाही
उझानी। रविवार को ट्रेन से स्टेशन पर पहुंचे रेलवे के कथित कर्मचारियों को लेकर खोमचा लगाने वालों की मानें तो ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ है। दो-तीन बार ये लोग स्टेशन पर पहुंचे हैं। वह प्रत्येक महीना आते रहते हैं। सुविधा शुल्क लेकर चले भी जाते हैं लेकिन डर के मारे कोई शिकायत नहीं करता।
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वर्जन
रेलवे स्टेशन पर बरेली से कोई कर्मचारी नहीं आया है। दुकानदार महेश ने शिकायत की है। दुकानदार का सामान फेंकने वाले कौन थे, यह भी पता नहीं लग पाया है। जल्द ही सच्चाई का पता लग जाएगा।- एसके यादव, स्टेशन मास्टर।
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