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एआरटीओ कार्यालय के बाहर खदेड़े दलाल, अतिक्रमण पर डीएम ने चलवाई जेसीबी

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बदायूं। एआरटीओ कार्यालय के बाहर सड़क के दोनों ओर दलालों ने कब्जा कर रखा था। हालत यहां तक हो गई थी कि अतिक्रमणकारियों ने मुख्य गेट पर भी कब्जा करना शुरू कर दिया। बुधवार को डीएम व एसएसपी के निर्देश पर अवैध रूप से सड़क पर कब्जा करके बैठे दलालों को वहां से खदेड़ दिया गया। जेसीबी के माध्यम से उनकी अस्थाई दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया।
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बुधवार को डीएम, एसएसपी के निर्देश पर पुलिस व प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। जैसे ही टीम एआरटीओ कार्यालय पर पहुंची, टीम को देखते ही दलालों ने अपना समान समेटकर वहां से भागना शुरू कर दिया। डीएम, एसएसपी ने सड़क पर हो रहे अतिक्रमण को अपने सामने जेसीबी चलवाकर साफ कराया। डीएम ने एआरटीओ को कड़े निर्देश दिए कि कार्यालय के आसपास कोई भी दलाल अतिक्रमण नहीं करेगा। कार्यालय में किसी भी दलाल का कार्य नहीं होगा और यदि किया गया तो तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों को भी चेता दिया गया कि कार्यालय में आम लोगों का काम ईमानदारी के साथ करें, उन्हें बेवजह परेशान नहीं किया जाए। अन्यथा शिकायत आने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एआरटीओ ने भी हटाया अतिक्रमण
-बुधवार को जब पुलिस, प्रशासन की टीम कार्यालय के बाहर हो रहे अतिक्रमण को हटाने पहुंची, तो एआरटीओ प्रवर्तन सुहेल अहमद में भी जोश आ गया। उन्होंने खुद भी अतिक्रमणकारियों को खदेड़ना शुरू कर दिया और अतिक्रमण को हटाने में प्रशासन की टीम की मदद की।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज से भी हटाया अतिक्रमण
-राजकीय मेडिकल कॉलेज का भी अतिक्रमण की वजह से बुरा हाल है। ठेले, खोमचे वाले राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में अंदर तक आ जाते थे। इसकी शिकायत मिलने पर प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह ने मेडिकल कॉलेज का एक गेट बंद करा दिया, साथ ही दूसरे गेट पर चौकीदार को तैनात कर दिया। इसके बावजूद भी ये लोग नहीं मान रहे थे। मुख्य गेट के सामने से लेकर दीवार किनारे इन लोगों ने अस्थाई दुकानें लगाकर अतिक्रमण कर लिया, जिसे बुधवार को डीएम, एसएसपी ने अपने सामने हटवा दिया।

फिर न हो अतिक्रमण, तो बने बात
- अक्सर देखा जाता है कि अतिक्रमण हटाने के बाद दो चार दिन बाद फिर वही स्थिति हो जाती है। एआरटीओ कार्यालय के बाहर तो यह आम बात है। पुराने एआरटीओ कार्यालय से सैकड़ों बार इन दलालों को खदेड़ा गया था। नये कार्यालय पर भी यही स्थिति रही है। ऐसे में बात तो तब बनेगी जब दोबारा ये फिर कभी अतिक्रमण कर ही न सकें, लेकिन इसके लिए पुलिस और प्रशासन को लगातार इसकी मॉनीटरिंग करनी होगी और सख्त रवैया अख्तियार करना होगा।

जिले में कहीं भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण व अवैध कब्जा नहीं रहने दिया जाएगा। अभियान चलाकर इसे हटाया जाएगा। कहीं से भी अतिक्रमण या अवैध कब्जे की शिकायत मिलती है, तो तत्काल अभियान चलाकर हटवाया जाएगा।
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-दिनेश कुमार सिंह, डीएम
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