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अवसाद या कलह... कुछ तो रहा जेई की मौत का कारण

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बदायूं। सिंचाई विभाग के जेई राघवेंद्र सिंह की मौत कई सवाल छोड़ गई। मृतक की पत्नी की चुप्पी और पिता के खुले आरोप भी हकीकत बयां नहीं कर पा रहे हैं। पत्नी ने कह तो दिया कि वह अवसाद में थे, लेकिन उसके पीछे वजह किसी को नहीं बताई। संकेत तो घरेलू कलह के हैं लग रहे हैं। कलह की वजह महज रुपया नहीं हो सकता। सवाल तो शनिवार रात उस समय के घटनाक्रम को सुनकर भी उठता है जब जेई ने खुद के हाथ ही नस काटने की कोशिश की थी।
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इटावा में सिविल लाइंस क्षेत्र के गांव कोढ़ी विचारपुरा निवासी श्याम सिंह के तीन बेटों में सबसे बड़े राघवेंद्र सिंह की जुलाई-2007 में इटावा की फ्रेंडस कॉलोनी निवासी रेनू सिंह से हुई थी। वह राघवेंद्र के साथ हर जगह पर रहीं जहां उन्हें तैनात किया जाता था। पिछले साल राघवेंद्र को यहां पोस्टिंग मिली तो उसके तीन महीना बाद ही उन्होंने आवास विकास कॉलोनी में किराए पर आवास ले लिया था। बकौल श्याम सिंह, रेनू से राघवेंद्र की बहुत कम पटती थी। रेनू ने पति की कमाई दौलत को अपने मायके तक ही सीमित रखा। हालांकि रेनू ने इसे नकार दिया, लेकिन जिला अस्पताल में यह जरूर बताया कि ससुराल पक्ष के लोग उसे और उसके बच्चों को पैतृक संपत्ति से दूर करने का षडयंत्र रच रहे हैं।
मृत जेई की पत्नी रेनू की इस बात का सच मान भी लें कि वह पिछले कुछ महीनों से अवसाद में थे, तो फिर उसने इसके पीछे की वजह की ओर गौर क्यों नहीं किया। पुलिस की अब तक की जांच में एक बात जो प्रमुखता से सामने आई है वह जेई का शराब पीना भी है। शराब वह इस कदर पीने लगे थे कि घरवालों को लखनऊ में इलाज भी कराना पड़ा था। फंदे से जेई का शव उतारते समय उनके एक हाथ पर खून के धब्बे नजर आए तो पुलिस ने रेनू से पूछा भी, लेकिन जवाब कि रात में उन्होंने नस काटने की कोशिश की थी। अगर ऐसा था तो पत्नी ने रात में जेई को दूसरे कमरे में टीवी देखने के लिए क्यों जाने दिया। पुलिस भी ऐसे ही कई और बिदुओं पर तहकीकात को आगे बढ़ाते हुए हकीकात सामने लाने की कोशिश में लगी हुई है।
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जेई के दो बेटे, ननिहाल में था बड़ा बेटा
बदायूं। अपने कमरे में फंदे से लटके मिले जेई राघवेंद्र सिंह के दो बेटे हैं। रूद्राक्ष प्रताप करीब 11 साल का तो छोटा अनंत प्रताप छह साल का है। आठ दिन पहले ही रेनू मायके गई तो बड़े बेटे को वहां छोड़ आई थी। इस बात को लेकर भी जेई ने गुस्से का इजहार किया था। छोटा बेटा अनंत घर में मां के साथ ही रहा। घर में क्या हुआ, यह अनंत अपने बाबा श्याम सिंह को भी नहीं बता पाया। वह पिता की मौत की सूचना के बाद नाना के साथ आ गया। इसके विपरीत, श्याम सिंह जब बेटे का शव लेकर इटावा के लिए निकले तो रेनू समेत उसके दोनों बच्चे अपने मामा और नाना के साथ ही रुक गए।

मृतक के पिता की ओर से थाने में तहरीर नहीं दी गई है। कुछ बातें पिता ने जरूर बताईं हैं, उनकी सच्चाई का पता लगाया जा रहा है। मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। फिर भी जो तथ्य सामने आएंगे, उन पर भी गौर किया जाएगा।
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- ओपी गौतम, इंसपेक्टर।
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