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झारखंड पुलिस की गिरफ्त में आया स्मैक का धंधेबाज बाबूराम

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दातागंज (बदायूं)। झारखंड पुलिस ने विगत दिनों अफीम बनाते समय बदायूं जिले के जिस व्यक्ति को पकड़ा, उसके तार अंतरराज्यीय स्मैक के धंधेबाजों से जुड़े हैं। उसकी तलाश में स्थानीय पुलिस के साथ ही एसटीएफ, दिल्ली पुलिस और नारकोटिक्स विभाग की टीम भी छापा मार चुकी है।
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कुछ दिन पहले झारखंड के थाना खूंटी पुलिस ने तीन लोगों को स्मैक बनाते पकड़ा था। इनमें एक बदायूं जिले के थाना बिनावर के गांव भगवानपुर के मजरा त्रिलोकपुर निवासी बाबूराम भी था। वहां की पुलिस के मुताबिक बाबूराम के तार स्मैक के धंधेबाजों से लंबे समय से जुड़े हैं। उसे अफीम से स्मैक बनाने का मास्टर माना जाता है। यही वजह है कि स्मैक के धंधेबाज उसके यहां आते-जाते रहे हैं। स्थानीय पुलिस ने करीब पांच साल पहले बाबूराम को अफीम के साथ जेल भेजा था। अब झारखंड पुलिस के पकड़ने के बाद स्थानीय पुलिस के भी कान एक बार फिर खड़े हो गए हैं।

बाबूराम के पास आते रहे हैं स्मैक कारोबारी-
जानकारों की बातों को यदि सच मानें तो बाबूराम अफीम से स्मैक बनाने में काफी माहिर है। झारखंड, बंगाल और मणिपुर में अफीम की पैदावार ज्यादा होती है। सो ये लोग वहां पर ज्यादा सक्रिय रहते हैं। चूंकि अफीम को लाना किसी खतरे से खाली नहीं होता इसलिए वह अफीम में कोई केमिकल मिलाकर उसे फाड़ लेते हैं। फिर उसमें से क्रूट निकालकर लाते हैं। उसी से स्मैक बनाते हैं।
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अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर वह पकड़ा गया है तो कुछ ही दिनों में सारी स्थिति सामने आ जाएगी। फिर भी इस व्यक्ति के बारे में स्थानीय पुलिस से पता लगाएंगे।
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- राघवेंद्र सिंह राठौर, सीओ सिटी
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