कुंवरगांव। बीए अंतिम वर्ष की छात्रा से सूने पड़े धर्मस्थल में खींचकर दुराचार की कोशिश की गई। छात्रा के शोर मचाने पर आरोपी चेतावनी देकर भाग गया। चूंकि आरोपी गांव की प्रधान का भतीजा था, इसलिए छात्रा और उसके भाई को पुलिस ने पांच घंटे तक टहलाया। बाद में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई और छात्रा को मेडिकल के लिए भेजा गया।
एक गांव निवासी छात्रा मंगलवार सुबह पांच बजे घर से बाहर पशुशाला में भैंस को बांधने निकली थी। इस बीच मौका देखकर बबलू ने उसे पकड़ लिया। वह छात्रा को खींचकर पास में ही बने एक धर्मस्थल में ले गया। वहां उसके साथ दुराचार की कोशिश की। छात्रा ने शोर मचाया तो आसपास बने घरों से लोग निकल आए। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। छात्रा ने घर जाकर अपने भाई को घटना के बारे में बताया। दिव्यांग भाई अपने साथ बहन को लेकर कुंवरगांव थाने पहुंचा। यहां पुलिस ने छात्रा को अंदर बैठा लिया। भाई ने तहरीर दी तो कहा कि एसओ के आने पर ही कार्रवाई होगी। आरोप है कि एसओ अपने आवास में थे पर जानकारी के बावजूद 11 बजे तक नहीं निकले। इस दौरान गांव की प्रधान का पति अपने आरोपी भतीजे बबलू की सिफारिश लेकर आ गया। पीड़ित पक्ष को रुपये देकर मैनेज करने की कोशिश की गई। पुलिस भी मामला सुलटवाने पर तुली थी पर पीड़ित पक्ष कार्रवाई की मांग पर अड़ा रहा। पीड़ित के भाई ने उच्चाधिकारियों को मोबाइल पर सूचना देकर थाना पुलिस की निष्क्रियता के बारे में बताया। बाद में पुलिस ने रेप की कोशिश और पाक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर ली। दोपहर बाद पीड़ित को जिला महिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। यहां भी पीड़ित के भाई ने पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए। वहीं एसओ कुंवरगांव प्रमोद यादव ने बताया कि लापरवाही की बात गलत है। तहरीर आते ही रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। आरोपी की तलाश की जा रही है।
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पुलिस की ढिलाई जैसा कोई मामला नहीं था। बल्कि हमें तो खुद एसओ ने ही रिपोर्ट दर्ज करने की बात बताई थी। फिर भी अगर पीड़ित पक्ष लापरवाही जैसा आरोप लगाता है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- कमल किशोर, एसपी सिटी