एक पुराने धंधेबाज की शह पर शुरू हुए सट्टे के गोरखधंधे का पुलिस ने मंगलवार देर रात धरपकड़ अभियान चलाकर भंडाफोड़ कर दिया। छह धंधेबाज पुलिस की पकड़ में आ गए। धंधेबाजों की फेहरिस्त हालांकि काफी लंबी बताई जा रही है लेकिन पुलिस ने पकड़े गए धंधेबाजों से सट्टा किंग समेत एजेंटों के नाम हासिल कर लिए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए भी कोशिश शुरू कर दी गई है।
नगर समेत आसपास इलाके में सट्टे को लेकर पिछले कई दिनों से शिकायतें सामने आने लगी थीं। मामला पुलिस के अफसरों तक भी पहुंच गया था। मंगलवार देर रात कोतवाल विनोद कुमार चाहर की अगुवाई में पुलिस की चार टीमों ने आधा दर्जन से अधिक मोहल्लों में सटोरियों के ठिकानों की घेराबंदी कर तलाश ली। पुलिस ने छतुइया निवासी रंजीत पाल, अब्दुल्लागंज के संजीव कुमार, फतेेहपुर निवासी रमेश, पंजाबी कॉलोनी के गौरव सचदेवा, अहीरटोला मोहल्ला के मिश्रा और साहूकारा निवासी मनोज को दबोच लिया। पकड़े गए धंधेबाजों के कब्जे से पुलिस ने करीब 22 हजार रुपया, तीन सेलफोन और सट्टे की पर्चियां भी बरामद की। सूत्रों की माने तो पकड़े गए धंधेबाजों ने करीब आठ-नौ ऐसे लोगों के नाम पुलिस को बताए हैं जो सट्टे के धंधे में कई महीना से लिप्त रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस ने दूसरे दिन दबिश दी लेकिन कोई पकड़ में नहीं आया। गिरफ्तार धंधेबाजों ने पुलिस को सट्टा किंग का नाम भी बता दिया है। दरोगा शिवेंद्र भदौरिया ने यह जानकारी दी।
कछला में भी धंधेबाज सक्रिय उझानी। सट्टे के धंधेबाजों ने तीन महीने से कछला में अपने पैर पसार लिए थे। हालांकि इस बीच पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार भी किया था लेकिन धंधे पर अंकुश नहीं लग पाया। धंधेबाज आसपास के गांवों छतुइया, अब्दुल्लागंज, हजरतगंज, संजरपुर, बसोमा आदि में अपने एजेंट बैठा चुके हैं। ग्रामीण इलाकों से रोजाना ही उतार सट्टा किंग तक पहुंचता है। सूत्र बताते हैं कि धंधे में रोजाना ही लाखों रुपये टर्नओवर होता है।