उझानी (बदायूं)।
कासगंज के रास्ते संभल जिले के लिए ट्रक समेत चार वाहनों से भेजी जा रही पशुओं की एक बड़ी खेप को पुलिस ने पकड़ लिया। वाहनों के अंदर 58 पशु निकले। ड्राइवरों और पशु तस्करों को दबोच लिया गया है। इधर, भनक लगते ही गो-रक्षक कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने पुलिस की प्रशंसा करते हुए दरोगा और सिपाहियों को नकद धनराशि देकर पुरस्कृत किया। पकड़े गए तस्करों के खिलाफ पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस को पशु पकड़ने के मामले में यह सफलता बुधवार सुबह मंडी समिति के पास मिली। दरोगा संजय कुमार शर्मा और रामनरेश यादव के साथ पुलिस फोर्स ने कछला के रास्ते कासगंज की ओर से निकले ट्रक समेत चार वाहनों को रोक कर तलाशी ली तो सभी में भैंस और पड्डे निकले। पशुओं की संख्या 58 थी। ट्रक से कूद कर हालांकि तीन तस्कर भाग गए लेकिन ड्राइवरों समेत 10 तस्करों को पुलिस ने घेराबंदी कर दबोच लिया। पूछताछ के दौरान उन्होंने पशुओं की खेप संभल जिले में पहुंचाने की बात कही। दरोगा संजय शर्मा ने बताया कि बरामद पशुओं में छह-सात की हालत काफी खराब है।
पकड़े गए ड्राइवरों और पशु तस्करों में हापुड़ जिले में गढ़मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के गांव दौलाई का फजर मोहम्मद और मोहम्मद इस्लाम, हापुड़ के धुंधलका का भूरे, हारुन और जयसिंह, मथुरा के शेरगढ़ क्षेत्र का अशरफ, दिल्ली के बुराड़ी थाना क्षेत्र का अरविंद, बरेली के सीबीगंज का निवासी इरफान, बरेली के शाही थाना क्षेत्र के गांव नूरनगर का वसीम और देवरनियां थाना क्षेत्र के गांव मुड़िया निवासी जुनैद है। पूछताछ के दौरान पशु तस्करों ने अपने फरार साथियों के नाम भी उजागर कर दिए। इधर, भाजपा नेता और गो-रक्षकों में शामिल अमित प्रताप सिंह, अरविंद शर्मा, योगेश प्रताप सिंह और अनिल सोलंकी ने दरोगा संजय शर्मा, सुनील कुमार और रामनरेश यादव समेत टीम में शामिल पुलिस कर्मियों को 51 सौ रुपये का नकद पुरस्कार भेंट किया। भाजपा नेता संजीव गुप्ता और अमित शर्मा ने भी पुलिस कार्रवाई की सराहना की।