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दहेज हत्या में पति समेत पांच को दस साल की कैद

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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय - फोटो : file photo
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बदायूं। सहसवान कोतवाली क्षेत्र में साढ़े सात साल पहले दहेज की खातिर गर्भवती महिला को पीटकर मार डालने के आरोपी पति समेत पांच लोगों को फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय की न्यायाधीश सोनिका चौधरी ने दस-दस साल की कैद की सजा सुनाने के साथ ही उन पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना डाला है।
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यह घटना सहसवान क्षेत्र के गांव भवानीपुर खैरू गांव में 11 मार्च 2011 को घटी थी। थाना क्षेत्र के गांव इस्माइपुर निवासी फिरोज पुत्र अंसार ने अपनी बहन नाजरीन की शादी गुड्डू पुत्र सरबर अली के साथ की थी। आरोप है कि ससुराल वाले शादी में दिए गए दान-दहेज से संतुष्ट नहीं थे सो वह और दहेज के लिए नाजरीन को तरह-तरह से प्रताड़ित करते थे। वादी फिरोज का कहना है कि मारुति कार की मांग को लेकर ससुराल वाले उसकी बहन को मारते-पीटते थे। घटना से दो माह पूर्व ससुराल वालों ने नाजरीन को बहुत मारा-पीटा था। जिसकी वजह से उसके सिर में चोटें आईं।
घटना के दिन गांव के कुछ लोगों ने उसे सूचना दी थी कि उसकी बहन को मारपीटकर मार डाला है। उस समय नाजरीन गर्भवती थी। जब वह सूचना पर पहुंचा तो ससुराल वाले शव को दफनाने की तैयारी कर रहे थे।
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फिरोज ने बहन की हत्या के मामले में पति गुड्डू के साथ ही सास जुलेखा, ससुर सरबर, जेठ तारिक और मुशाहिद के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई।
न्यायाधीश सोनिका चौधरी ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रामेश्वरी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद दहेज हत्या में आरोपी सभी पांचों को दोषी ठहराया। न्यायाधीश ने पति गुड्डू, सास जुलेखा, ससुर सरबर, जेठ तारिक और मुशाहिद को दस-दस साल की कठोर सजा सुनाई। साथ ही सभी पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला।
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