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फर्जी दस्तावेजों पर बैंक ने कर दिया 50 लाख का लोन

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बदायूं। एसबीआई के अधिकारियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एसबीआई की म्याऊं में चल रही लभारी शाखा से मुर्दों के नाम लोन देने का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि उससे पहले ही फर्जी दस्तावेजों के जरिये 50 लाख का लोन कराने वाले15 लोगों के नाम उजागर हो गये हैं। खुलासा होने के बाद भी बैंक की ओर से फर्जी दस्तावेजों पर लोन कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। एसबीआई शाखा प्रबंधक का कहना है कि वे इन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी कर चुके हैं।
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एसबीआई के लभारी गांव की शाखा म्याऊं में चल रही है। पिछले दिनों खुलासा हुआ था कि यहां मुर्दो के नाम पर लाखों रुपये का लोन कर दिया गया। इसके बाद शाखा प्रबंधक सत्यप्रकाश शर्मा ने अलापुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। यह मामला अभी सुर्खियों में है। इसी दौरान एक मामला सामने आया है कि 15 लोगों के नाम इसी बैंक से 50 लाख रुपये का लोन कर दिया गया। इसका खुलासा होने के बाद बैंक में हड़कंप मचा है। गौर करने वाली बात यह है कि बैंक की ओर से अब तक फर्जी कागजातों पर लोन कराने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। बैंक अधिकारी इस मामले को दबाने में जुटे हैं।
एक शाखा प्रबंधक ले चुके वीआरएस
एसबीआई की इसी ब्रांच के मैनेजर रहे दिनेश कुमार गुप्ता ने भी लोन फर्जीवाड़े के चक्कर में लगभग एक साल पहले वीआरएस ले लिया था। दिनेश का आरोप था कि बैंक अधिकारी दबाव बनाते थे कि एनपीए में पड़े खातों की अवधि बढ़ाकर उनसे रिकवरी की जाए। वह जानते थे कि एनपीए में पड़े कई खाते ऐसे थे जिनमें फर्जीवाड़ा हुआ है। इसी फर्जीवाड़ से परेशान होकर दिनेश ने लगभग एक साल पहले वीआरएस ले लिया था। अब बैंक के इस बड़े फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद बैंक अधिकारी भी चिंता में है।
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पंद्रह लोगों के नाम सामने आए हैं। लोन बांटे जाने के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सभी की आरसी काट दी गई है। जल्द ही इनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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एसपी शर्मा, शाखा प्रबंधक, एसबीआई
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