बदायूं। साइबर अपराधी लगातार लोगों को ठगने के नए-नए तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में शहर की एक महिला से भी चूक हो गई। ओटीपी नंबर शेयर करते ही खाते से 33 हजार रुपये कट गए। वहीं एक दूसरे व्यक्ति के बिना ओटीपी नंबर शेयर किए ही चौदह हजार रुपये खाते से उड़ गए।
विद्या कृष्णानगर निवासी कोकिल गुप्ता पत्नी प्रमोद गुप्ता की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक वह 15 अगस्त को अपना मोबाइल चला रहीं थी। इस दौरान मोबाइल पर महाबचत ऑफर का मेसेज आया। वह मामला समझ पातीं, इससे पहले उन्होंने मेसेज पर क्लिक कर दिया। उधर से ओटीपी नंबर मांगा गया, तो उन्होंने वह भी शेयर कर दिया। नतीजा यह निकला कि उनके खाते से पहले 10504, फिर 11242 रुपये और तीसरी बार में 11350 रुपये कट गए। यह सब इतनी जल्दी हुआ कि वह कुछ समझ ही नहीं पाईं। इसके बाद उन्होंने बैंक आकर संपर्क किया लेकिन यहां भी कोई मदद नहीं मिली। आखिर में उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, जिस पर कोतवाली पुलिस ने रविवार को एफआईआर दर्ज कर ली।
इधर नई सराय बड़ा दरवाजा निवासी आसिम नसीम खां के मुताबिक उनका खाता एसबीआई जोगीपुरा में है। उनके नंबर पर न तो कोई मेसेज आया और न ही किसी की कॉल आई और 14275 रुपये खाते से कट गए। इस संबंध में उन्होंने बैंक जाकर शिकायत दर्ज कराई। बैंक से कहा गया कि इसकी एफआईआर भी दर्ज कराएं। इस पर उन्होंने रविवार को एफआईआर दर्ज करा दी।
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ठगी के जाल से ऐसे बचें
साइबर सेल प्रभारी सुरेंद्र कुमार सागर का कहना है कि साइबर अपराधी अचानक कोई घटना को अंजाम नहीं देते। वे पूरी प्लानिंग के साथ काम करते हैं। उनके मोबाइल नंबर से लेकर खाता नंबर तक फर्जी होते हैं। बाद में उस खाते से रकम निकाल लेते हैं। वे नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं। इसके लिए लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता है। वह अपना ओटीपी नंबर, खाता नंबर और अकाउंट, एटीएम कार्ड नंबर आदि बिल्कुल न बताएं। यह नंबर गोपनीय होते हैं। ऐसी घटनाएं खासकर अवकाश वाले दिन ज्यादा होती हैैं। ठगी होने पर 1930 नंबर पर कॉल जरूर करें, जिससे आपका रुपया बच सके।
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मामला-2
दो लोगों ने एक-दूसरे पर कराई धोखाधड़ी की एफआईआर
बदायूं। सिविल लाइंस थाने में दो लोगों ने एक-दूसरे के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के शांतिकुंज निवासी राजेंद्र पाल सिंह यादव के मुताबिक वह एक कार्यक्रम में असधरमई गए थे। वहां उनकी मुलाकात मनोज कुमार सिंह, विपिन कुमार सिंह, प्रवीन कुमार सिंह, प्रमोद कुमार सिंह और उसकी पत्नी सुनीता से हुई। इन लोगों ने कहा कि वे हाईकोर्ट में जॉब लगवा देंगे। उन्होंने कुछ ऐसे कागजात दिखाए, जिससे वह झांसे में आ गए। उन्होंने अपने बच्चों और कई और बच्चों की नौकरी के लिए 37 लाख रुपये दिए। बदले में आरोपियों ने 37 लाख रुपये का एक चेक उसे दे दिया। न तो उनकी नौकरी लगी और न ही उस चेक से भुगतान हुआ। तब उन्होंने न्यायालय में शरण ली। इधर, प्रमोद कुमार सिंह ने राजेंद्र सिंह यादव और आशीष पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। उनका कहना है कि उन्होंने बरेली में प्लॉट खरीदा था। आरोपियों का वहां आना जाना था। आरोपियों ने सिक्योरिटी में नौकरी लगवाने के नाम पर सात लाख रुपये लिए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों की एफआईआर की विवेचना शुरू कर दी है। संवाद
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मामला-3
क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर को 40 हजार का लगाया चूना
बदायूं। क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर सुनील कुमार को बरई खेड़ा बिसौली निवासी अशोक कुमार यादव ने 40 हजार रुपये का चूना लगा दिया। इंस्पेक्टर के मुताबिक वह पुलिस क्लब में रहते थे। वहीं उनके साथ इंस्पेक्टर रामऔतार सिंह और सिपाही प्रदीप कुमार रहते थे। उनके पास अशोक कुमार आता था। वह अपनी पत्नी की बीमारी का बहाना बनाकर उनसे 30 हजार रुपये उधार ले गया था। वह फिर आया और इस बार 25 हजार रुपये वापस कर गया। बाद में फिर उनसे 35 हजार रुपये ले गया। वह रुपये उसने नहीं दिए और लगातार टालता रहा। जब उसके बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह तमाम लोगों से रुपये ठग चुका है। सुनील ने न्यायालय की शरण ली। अब सिविल लाइंस पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर अशोक कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। संवाद