बदायूं। शहर में बंद मकानों को निशाना बनाने वाले तीन चोर और उनसे चोरी का माल खरीदने वाले तीन सराफा व्यापारी पकड़े गए हैं। उनके पास से 94 हजार रुपये समेत करीब पंद्रह लाख के जेवर पकड़े गए हैं। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रभारी एसएसपी सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सिविल लाइंस और कोतवाली इलाके में चोरी की घटनाएं हो रहीं थीं। पांच जून को नवादा, 13 जून को गांधी नगर, 13 अगस्त को विजय नगर और 28 अगस्त को कृष्णा नगर, तीन सितंबर को मधुवन कॉलोनी में चोरी की घटनाएं हुईं। सभी जगह से जेवर चोरी हुए थे। इन घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस को लगाया गया था।
इसके बाद पुलिस ने कादरचौक के इस्माइलपुर निवासी बजरुल अली पुत्र मेहराज अली, सिविल लाइंस के गांव नगला शर्की निवासी साहिल कुमार उर्फ भोलू पुत्र संतोष कुमार और शहर के नाहरखां सराय निवासी शारिक पुत्र हैदर अली को पकड़ा। तीनों शातिर चोर हैं। इन्होंने जेवर चोरी करके श्रीराम कॉलोनी निवासी सराफा व्यापारी प्रियांश रस्तोगी पुत्र राकेश उर्फ मुकेश रस्तोगी, मढ़ई चौक निवासी अंचल रस्तोगी पुत्र राकेश रस्तोगी और सचिन वर्मा पुत्र महेंद्र प्रकाश वर्मा को बेचे थे। सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके पास से 94 हजार रुपये, पंद्रह लाख के जेवर, एक बाइक और दो तमंचे बरामद हुए हैं। पकड़े गए चोरों और व्यापारियों को जेल भेज दिया गया है।
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रेकी कर बंद मकानों को बनाते थे निशाना
पकड़े गए चोर बजरुल अली पर 24, साहिल पर छह और शारिक पर पांच मामले दर्ज हैं। यह दिन में बाइक से शहर में भ्रमण करते थे। जिन मकानों पर ताले पड़े होते थे, रात में उनमें ताला तोड़कर या छत के रास्ते से घुस जाते थे। इससे पहले वह आसपास की लाइट बुझा देते थे।
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पहले पिता, अब चोरी का माल खरीदने में बेटा पकड़ा
श्रीराम कॉलोनी निवासी प्रियांश रस्तोगी ने भी इन चोरों से चोरी का माल खरीदा था। कुछ साल पहले उसका पिता मुकेश रस्तोगी उर्फ राकेश रस्तोगी पकड़ा गया था। पुलिस ने उसके पास से चोरी का माल भी बरामद किया था। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था। फिलहाल मुकेश जमानत पर बाहर चल रहा है।