बदायूं। सहसवान कोतवाली में तीन साल से चोरी की विवेचना लटकाये रहने पर दरोगा अमित चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह मामला 2018 का है। उससे पहले विवेचक ने एफआर लगा दी थी। अमित चौधरी को पुन: विवेचना सौंपी गई थी। तब से उसने न तो चार्जशीट लगाई गई और न ही उसमें फाइनल रिपोर्ट लगाई गई है। इंस्पेक्टर विशाल प्रताप सिंह ने बताया कि दरोगा अमित चौधरी फिलहाल नोएडा में तैनात है।
सहसवान कस्बे के मोहल्ला बजरिया निवासी अंशुल चांडक ने सोलह अक्तूबर 2018 को दुकान की छत काटकर चोरी के संबंध में एफआईआर दर्ज कराई थी। उस वक्त मामले की विवेचना एसआई विजयपाल सिंह को सौंपी गई थी। उन्होंने विवेचना करते हुए उसमें एफआर लगा दी। जब यह एफआर सीओ कार्यालय भेजी गई तो सीओ ने आपत्ति लगाकर उसमें दोबारा विवेचना के आदेश कर दिए थे। उसके बाद यह विवेचना एसआई अमित चौधरी को सौंपी गई। इस बीच कई बार समीक्षा बैठक में इस मामले के लंबित होने पर सवाल उठाए गए थे। इस पर दरोगा को पत्र भी लिखे गए लेकिन दरोगा ने उनका जवाब नहीं दिया।
धीरे-धीरे करके इस मामले को तीन साल गुजर गए लेकिन इसमें न तो दरोगा ने चार्जशीट लगाई और न ही पुलिस अधिकारियों के सवालों का जबाव दिया। इस पर सीओ सहसवान चंद्रपाल सिंह ने दरोगा अमित चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। इसकी विवेचना इंस्पेक्टर सहसवान को सौंपी गई है।