बदायूं के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव कुरऊ में शुक्रवार को 20 वर्षीय विवाहिता शिखा राठौर ने फंदे से लटककर जान दे दी। उसने दो साल पहले गांव के ही मोहित से प्रेम विवाह किया था, लेकिन इसके कुछ दिन बाद ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया। तब से शिखा अपने मायके में रह रही थी।
कुरऊ गांव निवासी शिखा राठौर पुत्री संतोष चार बहनों में सबसे बड़ी थी। पिता संतोष के मुताबिक शिखा ने करीब दो साल पहले गांव के ही पूर्व प्रधान जयवीर के बेटे मोहित से प्रेम विवाह किया था। शिखा कुछ दिन अपनी ससुराल में रही लेकिन पूर्व प्रधान और उनकी पत्नी ने इस शादी को स्वीकार नहीं किया। उसे घर से निकाल दिया गया। मोहित ने कहा था कि वह बड़े भाई की शादी के बाद उसे घर में रखेगा, लेकिन वह शिखा को नहीं ले गया। इस पर शिखा ने मोहित और उसके परिवार वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया।
आरोप है कि करीब दो महीने पहले मोहित उनके घर आया था और उसने पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिससे शिखा काफी झुलस गई। पिता ने उसका उपचार कराया। एक महीने पहले मोहित के खिलाफ आग लगाकर शिखा की जान लेने की कोशिश में एफआईआर कराई गई थी। उसकी विवेचना अभी भी चल रही है। पिता ने बताया कि वह शुक्रवार सुबह एक रिश्तेदारी में गए थे। सुबह करीब 11 बजे शिखा ने घर में पड़े छोटी बहन के झूले की रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब आसपास के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने इसकी सूचना दी। वह मौके पर पहुंच गए। कुछ देर बाद पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने उसका शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पिता ने कहा कि उनकी बेटी को आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया गया। इससे उसने जान दे दी। वह तहरीर देकर एफआईआर कराएंगे।